चूरू जिले का सामान्य ज्ञान

चूरू जिले का भूगोल 
👉अंक्षाशीय विस्तार-
➯चूरू जिले का अक्षाशीय विस्तार 27°24′ से 29°0′ उत्तरी अक्षांश तक है।

👉देशांतरीय विस्तार-
➯चूरू जिले का देशांतरीय विस्तार 73°40′ से 75°41′ पूर्वी देशान्तर तक है।

👉संभाग या मण्डल-
➯चूरू जिला राजस्थान के बीकानेर संभाग या मण्डल में शामिल है।

👉मुख्यालय-
➯चूरू जिले का जिला मुख्यालय चूरू शहर में स्थित है।

👉क्षेत्रफल-
➯चूरू जिले का क्षेत्रफल 16830 वर्ग किलोमीटर है।

👉जनसंख्या-
➯जनगणना 2011 के अनुसार चूरू जिले की कुल जनसंख्या 20,39, 547 है।
➯जनगणना 2011 के अनुसार चूरू जिले की कुल पुरुष जनसंख्या 10,51,446 है।
➯जनगणना 2011 के अनुसार चूरू जिले की कुल महिला जनसंख्या 9,88,101 है।

👉साक्षरता-
➯जनगणना 2011 के अनुसार चूरू जिले की साक्षरता दर 66.75 है।
➯जनगणना 2011 के अनुसार चूरू जिले की पुरुष साक्षरता दर 78.8 है।
➯जनगणना 2011 के अनुसार चुरु जिले की महिला साक्षरता दर 54 है।

👉लिंगानुपात-
➯जनगणना 2011 के अनुसार चूरू जिले का लिंगानुपात 940 है।

👉पशुधन-
➯पशुगणना 2012 के अनुसार चूरू जिले में कुल पशुधन संख्या 18,49,833 है।

👉पशुघनत्व-
➯पशुगणना 2012 के अनुसार चूरू जिले का पशु घनत्व 110 है।

👉नदी-
➯चूरू जिले में एक भी नदी नहीं बहती है।

👉झील-
➯चूरू जिले में ताल छापर झील स्थित है। जो की एक खारे पानी की झील है।

👉ठंडा व गर्म-
➯राजस्थान का सबसे ठंडा व सबसे गर्म जिला चूरू जिला है।

👉वार्षिक तापान्तर-
➯राजस्थान का सर्वाधिक वार्षिक तापान्तर वाला जिला चूरू है।

👉वन-
➯राजस्थान में सबसे कम वनों वाला जिला चूरू है।

👉अभयारण्य-
1. ताल छापर वन्य जीव अभयारण्य-
➯ताल छापर वन्य जीव अभयारण्य चूरू जिले की ताल छापर नामक जगह पर स्थित है।
➯ताल छापर वन्य जीव अभयारण्य काले हिरणों के लिए प्रसिद्ध है।
➯ताल छापर वन्य जीव अभयारण्य में सर्दी के मौसम में ठंडे स्थानों (चीन, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, साइबेरिया) से कुरजां पक्षी (डेमोसिल क्रेन), बार हैडेड गूज आदि प्रवासी पक्षी आते है।

चूरू जिले का इतिहास
👉चूहड़ा या चूहरू-
➯चूरू जिले की स्थापना 1620 ई. में चूहड़ा या चूहरू नामक जाट ने की थी।

👉दूधवा खारा (चूरू)-
➯चूरू जिले का दूधवा खारा नामक गांव किसान अांदोलनों के लिए प्रसिद्ध रहा है।

👉बीकानेर रियासत-
➯स्वतंत्रता के समय चूरू जिला बीकानेर रियासत का भाग था।

👉एकीकरण-
➯1 नवम्बर 1956 में राजस्थान एकीकरण के दौरान चूरू को जिले का दर्जा दिया गया था।

चूरू जिले की कला एवं संस्कृति
👉चूरू का किला-
➯चूरू का किला चूरू में स्थित है।
➯चूरू के किले का निर्माण 1739 ई. में ठाकुर कुशाल सिंह या खुशहाल सिंह ने करवाया था।
➯चूरू का किला राजस्थान का एकमात्र ऐसा किला है जो की चांदी के गोले दागने के लिए प्रसिद्ध है।

👉ददरेवा (चूरू)-
➯पंचपीर गोगाजी का जन्म स्थल चूरू जिले का ददरेवा गांव है।
➯भाद्रपद कृष्ण नवमी या गोगानवमी को ददरेवा में गोगाजी का मेला भरता है।
➯गोगानवमी को गोगाजी के राखी चढ़ाई जाती है।

👉साहवा का गुरुद्वारा-
➯साहवा का गुरुद्वारा चूरू जिले में स्थित है।
➯साहवा का गुरुद्वारा सिक्ख गुरुद्वारा गुरुनानक देव एवं गुरु गोविंद सिंह के आने एवं रहने की स्मृति से जुड़ा हुआ है।
➯साहवा के गुरुद्वारे में कार्तित मास की पूर्णिमा पर विशाल मेला लगता है।

👉सालासर हनुमान मंदिर (सालासर, चूरू)-
➯सालासर बालाजी का मंदिर चूरू की सालासर नामक जगह पर स्थित है।
➯सालासर बालाजी मंदिर की स्थापना 1754 ई. में महात्मा श्री मोहनदास जी ने की थी।
➯सालासर बालाजी मंदिर में हनुमान जी की दाढ़ी-मूंछ युक्त व माथे पर तिलक युक्त मूर्ती स्थित है।

👉अंजना देवी मंदिर (सालासर, चूरू)-
➯हनुमान जी की माता या जननी अंजना देवी का मंदिर भी हनुमान जी के मंदिर के समीप ही चूरू जिले की सालासर नामक जगह पर स्थित है।

👉सुजानगढ़ (चूरू)-
➯चूरू जिले के सुजानगढ़ को संगीतकारों का गढ़ कहा जाता है।

👉मालचंद बादाम वाले-
➯मालचंद बादाम वाले चूरू जिले के प्रसिद्ध काष्ठ शल्पी है।

👉अग्नि नृत्य-
➯चूरू में जसनाथी सम्प्रदाय का अग्नि नृत्य प्रसिद्ध है।

👉कबूतरी नृत्य-
➯राजस्थान में कबूतरी नृत्य चूरू जिले का प्रसिद्ध है।

👉नाहटा संग्रहालय-
➯नाहटा संग्रहालय चूरू जिले के सरदारशहर में स्थित है।
➯नाहटा संग्रहालय अपने भित्ती चित्रों के लिए प्रसिद्ध है।

👉सेठाणी का जोहड़-
➯सेठाणी का जोहड़ चूरू जिले के रतनगढ़ के निकट स्थित है।
➯सेठाणी का जोहड़ प्रकृति प्रेमियों के लिए आकर्षक स्थल माना जाता है।
➯सेठाणी के जोहड़ का निर्माण भगवनदास बाग्ला की विधवा पत्नी ने छप्पनिया अकाल के दौरान करवाया था।

👉प्रथरणा का जोहड़-
➯प्रथरणा का जोहड़ चूरू जिले में स्थित है।

👉सुराना या सुराणा हवेली-
➯सुराना की हवेली चूरू जिले में स्थित है।
➯सुराना हवेली छः मंजिला इमारत है।
➯सुराना हवेली में 1111 खिड़कियां एवं दरवाजे है।
➯सुराना हवेली का निर्माण 1870 ई. में किया गया था।

👉कोठारी हवेली-
➯कोठारी हवेली का निर्माण एक प्रसिद्ध व्यापारी ओसवाल जैन कोठारी ने करवाया था।
➯कोठारी हवेली का नाम ओसवाल जैन कोठारी ने अपने गोत्र पर रखा था।
➯कोठारी हवेली में एक बहुत ही कलात्मक कमरा है जिसे मालजी का कमरा कहा जाता है।

चूरू जिले के अन्य महत्वपूर्ण तथ्य
👉वाहन पंजीकरण-
➯चूरू जिले में वाहनों का पंजीकरण RJ-10 से होता है।

👉विधानसभा क्षेत्र या सीटें-
➯चूरू जिले में कुल 8 विधानसभा क्षेत्र या सीटें है जैसे-
1. चूरू विधानसभा क्षेत्र
2. नोहर विधानसभा क्षेत्र
3. भादरा विधानसभा क्षेत्र
4. रतनगढ़ विधानसभा क्षेत्र
5. तारानगर विधानसभा क्षेत्र
6. सुजानगढ़ विधानसभा क्षेत्र
7. सरदारशहर विधानसभा क्षेत्र
8. सादुलपुर/ राजगढ़ विधानसभा क्षेत्र


👉तहसीलें-
➯चूरू जिले में कुल 6 तहसीलें है जैसे-
1. चूरू तहसील
2. रतनगढ़ तहसील
4. तारानगर तहसील
4. सुजानगढ़ तहसील
5. सरदारशहर तहसील
6. सादुलपुर/ राजगढ़ तहसील

👉सालासर (चूरू)-
➯राजस्थान में सहकारी क्षेत्र का प्रथम महिला मिनी बैंक चूरू जिले के सालासर में स्थित है।

👉लक्ष्मीनिवास मित्तल-
➯प्रसिद्ध उद्योगपति लक्ष्मीनिवास मित्तल चूरू जिले के सुजानगढ़ का निवासी है।

👉पालर पानी-
➯राजस्थान में वर्षा का जल या पालर पानी के संग्रहण हेतु अनूठी कार्ययोजना को क्रियान्वित करने वाला एकमात्र जिला चूरू जिला है।

👉कृष्णा पूनिया-
➯डिस्कस थ्रो खिलाड़ी कृष्णा पूनिया राजस्थान के चूरू जिले की निवासी है।
➯कृष्णा पूनिया को एशियाई खेलों में कांस्य तथा राष्ट्रमंडल खेल में स्वर्ण पदक प्राप्त है।

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