मुख्यमंत्री

➧मुख्यमंत्री पद की परिभाषा-
➧मुख्यमंत्री राज्य में शासन व सरकार का प्रमुख होता है।
➧राज्य में समकक्षों में प्रथम होता है।
➧राज्य में वास्तविक कार्यपालिका का उदाहरण होता है।
➧विधानसभा में बहुमत दल का नेता मुख्यमंत्री होता है।

➧मुख्यमंत्री पद की शुरुआत-
➧मुख्यमंत्री पद की शुरुआत 26 जनवरी 1950 को हुई थी।

➧मुख्यमंत्री की नियुक्ति-
➧मुख्यमंत्री को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 164 के अनुसार राज्यपाल (गवर्नर) द्वारा नियुक्त किया जाता है।
➧मुख्यमंत्री को नियुक्त किया जाता है।
➧मुख्यमंत्री को निर्वाचित नहीं किया जाता है।

➧मुख्यमंत्री पद की योग्यता-
➧विशेष- मुख्यमंत्री पद की योग्यता का संविधान में उल्लेख नहीं मिलता है।
➧मुख्यमंत्री पद के लिए न्यूनतम आयु 25 वर्ष होती है।
➧वह विधान मण्डल (विधानसभा/ विधान परिषद) का सदस्य होना चाहिए।
➧विधान मण्डल का सदस्य न होने पर मंत्री या मुख्यमंत्री 6 माह के लिए ही पद धारण कर सकते है। अर्थात् विधान मण्डल का सदस्य न होने पर 6 माह के अन्दर विधान मण्डल (विधानसभा/ विधान मण्डल) के किसी भी सदन की सदस्यता प्राप्त करना अावश्यक है अन्यथा पद स्वतः ही रिक्त हो जायेगा।

➧मुख्यमंत्री का कार्यकाल-
➧सामान्यतः मुख्यमंत्री का कार्यकाल 5 वर्ष होता है।
➧अनुच्छेद 164 (1) के अनुसार मुख्यमंत्री व मंत्री राज्यपाल के प्रसाद पर्यन्त अपने पद पर बने रहेगे अर्थात् विधानसभा में बहुमत न होने पर राज्यपाल मुख्यमंत्री व मंत्री को पद से हटा सकता है।
➧मुख्यमंत्री को पद से हटाने की प्रक्रिया-
➧मुख्यमंत्री को पद से हटाने के प्रक्रिया अविश्वास प्रस्ताव है।
➧मुख्यमंत्री को पद से हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव साधारण बहुमत से पारित होना चाहिए।
➧अविश्वास प्रस्ताव को केवल विधानसभा में ही प्रस्तावित किया जा सकता है।

➧मुख्यमंत्री का त्याग पत्र-
➧मुख्यमंत्री अपना त्याग पत्र राज्यपाल को देता है।
➧मुख्यमंत्री के त्याग पत्र देते ही समस्त मंत्रिपरिषद् स्वतः ही समाप्त हो जाती है।

➧मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण-
➧मुख्यमंत्री पद के लिए शपथ राज्यपाल के द्वारा दिलायी जाती है।

➧अनुच्छेद 167-
➧मुख्यमंत्री अनुच्छेद 167 के अनुसार राज्यपाल तथा मंत्रिपरिषद् के बीच कड़ी का काम करता है।
➧भारतीय संविधान के अनुच्छेद 167 में मुख्यमंत्री के कार्य (कर्त्तव्य/उत्तरदायित्वों) व शक्तियों का उल्लेख मिलता है।

➧मुख्यमंत्री-
➧राज्य का मुख्यमंत्री विधानसभा के प्रति उत्तरदायी होता है।
➧राज्य मंत्रिमण्डल विधानसभा के प्रति उत्तरदायी होता है।
➧राज्य की कार्यपालिका की वास्तविक शक्तियां मुख्यमंत्री के पास होती है।
➧मुख्यमंत्री के द्वारा राज्य मंत्रिपरिषद की अध्यक्षता व उसका कार्य संचालन किया जाता है।

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