भारत पर विदेशी आक्रमण

1. मोहम्मद बिन कासिम/ मीर कासिम-
👉भारत पर आक्रमण करने वाला प्रथम अरबी आक्रमणकारी मीर कासिम था।

 अल हिजाज-
👉यह बगदाद (इराक) का शासक था जिसने मीर कासिम को सिंध पर आक्रमण करने के लिए भेजा था।

 रावर का युद्ध-
👉यह युद्ध 20 जून, 712 ई. को मीर कासिम तथा सिंध के राजा दाहिर के मध्य हुआ था।
👉इस युद्ध में मीर कासिम की जीत होती है।

 भारत का प्रथम जौहर-
👉रावर के युद्ध में राजा दाहिर की पत्नी रानीबाई ने जौहर किया था और यही जौहर को भारत का प्रथम जौहर है।

 भारत में निम्नलिखित वस्तुएं लाने का श्रेय मीर कासिम को दिया जाता है।
👉खजुर लाने का
👉ऊँट लाने का
👉जजिया कर लागु करने का

 दिरहम-
👉भारत में पहली बार शुद्ध अरबी सिक्के/ शुद्ध अरबी भाषा के सिक्के चलाने वाला प्रथम आक्रमणकारी मीर कासिम था।
👉मीर कासिम ने दिरहम नाम के अरबी सिक्के चलाये थे।

 चचनामा-
👉यह पुस्तक इब्न अल अहमद के द्वारा लिखी गई है।
👉इस पुस्तक में मीर कासिम के अाक्रमण का वर्णन मिलता है।

2. महमूद/ मोहम्मद गजनवी- (1001-1027 ई.)
👉भारत पर आक्रमण करने के पिछे महमूद गजनवी का मुख्य उद्देश्य भारत से धन लूटना था।
👉महमूद गजनवी ने 1001 से 1027 ई. के बीच भारत पर कुल 17 बार आक्रमण किया था।
👉भारत पर सर्वाधिक (17 बार) आक्रमण करने वाला विदेशी आक्रमणकारी महमूद गजनवी था।

 सुबुक्तगीन-
👉महमूद गजनवी गजनी (अफगानिस्तान) के शासक सुबुक्तगीन का पुत्र था।

 महमूद गजनवी का प्रथम आक्रमण-
👉महमूद गजनवी ने प्रथम आक्रमण 1001 ई. में पंजाब के शासक जयपाल पर किया था तथा इस आक्रमण में महमूद गजनवी की जीत होती है।

 सोमनाथ/ सोमेश्वर आक्रमण-
👉गजनवी का सबसे प्रसिद्ध आक्रमण 1025 ई. का गुजरात का सोमनाथ/ सोमेश्वर मंदिर आक्रमण माना जाता है।
👉इस आक्रमण में महमूद गजनवी ने चालूक्य वंश के शासक भीम-प्रथम को हराया था।
👉यह आक्रमण महमूद गजनवी का 15वां आक्रमण था।

 बुतशिकन-
👉बुतशिकन का अर्थ- मुर्तियों को तोड़ने वाला
👉सोमनाथ आक्रमण के दौरान महमूद गजनवी ने यह कथन कहा था की 'मैं मुर्ति विक्रेता नहीं बलकी बुतशिकन बनने आया हूँ'

 यामिनी उद् दौला-
👉यह उपाधि महमूद गजनवी ने धारण की थी।

 अलबरुनी-
👉यह अरबी इतिहासकार महमूद गजनवी के साथ भारत आया था।
👉अलबरुनी ने महमूद गजनवी के आक्रमणें के उपर 'किताब-उल-हिंद'/ 'तहकीक-ए-हिंद' पुस्तक लिखी थी।

 महमूद गजनवी की मृत्यु-
👉महमूद गजनवी की मृत्यु 1027 ई. में पंजाब के जाट विद्रोह दबाने के दौनार हुई थी।

3. मोहम्मद गौरी-
★ गौर-
👉मोहम्मद गौरी अफगानिस्तान के गौर क्षेत्र का था।

★ वास्तविक नाम-
👉मोहम्मद गौरी का वास्तविक नाम शिहाबुद्दीन मोहम्मद गौरी

★ उद्देश्य-
👉मोहम्मद गौरी का भारत पर आक्रमण करने का मुख्य उद्देश्य भारत में मुस्लिम साम्राज्य की स्थापना करना था।

★ मुल्तान (पाकिस्तान) आक्रमण-
👉मोहम्मद गौरी ने अपना पहला आक्रमण 1175 ई. में मुल्तान की कारामती जाती/ समुदाय पर किया था तथा जीत हासिल की थी।

★ पाटन (गुजरात) आक्रमण-
👉मोहम्मद गौरी दुसरा आक्रमण पाटन के शासक मुलराज द्वितीय के उपर 1178 ई. में किया गया था। जिसमें मोहम्मद गौरी की हार होती है।

★ तराईन का प्रथम युद्ध-
👉समय- 1191 ई.
👉स्थान- हरियाणा
👉मध्य- मोहम्मद गौरी तथा पृथ्वीराज चौहान
👉जीत- पृथ्वीराज चौहान
👉हार- मोहम्मद गौरी

★ तराईन का द्वितीय युद्ध-
👉समय- 1192 ई.
👉स्थान- हरियाणा
👉मध्य- मोहम्मद गौरी तथा पृथ्वीराज चौहान
👉जीत- मोहम्मद गौरी

👉हार- पृथ्वीराज चौहान

★ जयचंद-
👉यह कन्नौज का शासक था।
👉मोहम्मद गौरी का पृथ्वीराज चौहान पर आक्रमण करने का मुख्य उद्देश्य जयचंद द्वारा मोहम्मद गौरी को उकसाना था।
👉जयचंद को इतिहास में देशद्रोह कहा जाता है।

★ चन्दावर का युद्ध-
👉समय- 1194 ई.
👉मध्य- मोहम्मद गौरी तथा जयचंद
👉जीत- मोहम्मद गौरी
👉हार- जयचंद (मारा गया)

★ इख्तियारुद्दीन बख्तियार खिलजी-
👉यह मोहम्मद गौरी का सैनापति था।
👉इसी ने बंगाल आक्रमण के दौरान बिहार के नालंदा विश्वविद्यालय को तोड़ दिया था।

★ मोहम्मद गौरी की मृत्यु-
👉1206 ई. में पंजाब के खोखर विद्रोह के दौरान झेलम नदी के पास मोहम्मद गौरी की मृत्यु हो जाती है।

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