झुंझुनू जिले का सामान्य ज्ञान

झुंझुनू जिले का भूगोल-

अक्षांशीय विस्तार- झुंझुनू  जिले का अक्षांशीय विस्तार 27°38′ से 28°31′ उत्तरी अक्षांश तक है।

देशांतरीय विस्तार-  झुंझुनू जिले का देशांतरीय विस्तार 75°02′ से 76°06′ पूर्वी देशान्तर तक है।

उपनाम व अन्य नाम-
1. ताम्र जिला- राजस्थान का ताम्र जिला झुंझुनू को कहा जाता है।

क्षेत्रफल-
झुंझुनू जिले का कुल क्षेत्रफल 5929 वर्ग किलोमीटर (2289.200 वर्ग मील) है।
झुंझुनू शहर का कुल क्षेत्रफल 9.64 वर्ग किलोमीटर है।

जनसंख्या-
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार झुंझुनू जिले की कुल जनसंख्या 1913099 है।
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार झुंझुनू जिले की कुल पुरुष जनसंख्या 1095896 है।
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार झुंझुनू जिले की कुल महिला जनसंख्या 1041149 है।

जनसंख्या घनत्व- जनगणना 2011 के अनुसार झुंझुनू जिले का जनसंख्या घनत्व 361 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है।

लिंगानुपात- जनगणना 2011 के अनुसार झुंझुनू जिले का लिंगानुपात 950 है। अर्थात् झुंझुनू जिले में 100 पुरुषों पर 950 महिलाएं है।

साक्षरता-
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार झुंझुनू जिले की कुल साक्षरत दर 74.1 प्रतिशत है।
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार झुंझुनू जिले की कुल पुरुष साक्षरता 86.9 प्रतिशत है।
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार राजस्थान में सर्वाधिक पुरुष साक्षरता वाला जिला झुंझुनू है।
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार झुंझुनू जिले की कुल महिला साक्षरता 61 प्रतिशत है।

पशुगणना-
झुंझुनू जिले में कुल पशुओं की संख्या 1284657 है।
झुंझुनू जिले का पशु घनत्व 217 है अर्थात् झुंझुनू जिले में 217 पशु प्रति वर्ग किलोमीटर में है।

ऊंचाई- समुद्र तल से झुंझुनू शहर की कुल ऊंचाई 338 मीटर है।

संभाग या मण्डल- झुंझुनू जिला राजस्थान के जयपुर संभाग में शामिल है।

जिला मुख्यालय- झुंझुनू जिले का जिला मुख्यालय झुंझुनू शहर है।

सीमावर्ती जिले (पड़ोसी जिले)- झुंझुनू जिले को उत्तर-पूर्व और पूर्व दिशा में हरियाणा राज्य की सीमा लगती है, दक्षिण-पूर्व, दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम दिशा में सीकर जिले की सीमा लगती है तथा उत्तर-पश्चिम और उत्तर दिशा में चुरू जिले की सीमा लगती है।

अर्ध-रेगिस्तान- झुंझुनू जिले का अधिकांश भाग अर्ध-रेगिस्तान है।

नदी-
1. कांतली नदी या काटली नदी

1. कांतली नदी या काटली नदी- झुंझुनू की एकमात्र नदी कांतली नदी या काटली नदी है। काटली नदी (कांतली नदी) राजस्थान राज्य के सीकर जिले के रेवासा गांव की खण्डेला की पहाड़ियों से निकलती  है। काटली नदी (कांतली नदी) खण्डेला की पहाड़ियों से निकलने के बाद सीकर जिले में बहती हुई झुन्झुनू जिले के मण्डेला नामक स्थान पर (चुरू जिले की सीमा पर) विलुप्त हो जाती है। काटली नदी (कांतली नदी) झुन्झुनू जिले की बगड़ नामक जगह पर झुन्झुनू जिले को दो भागों में विभाजन करती है। कांतली नदी की कुल लम्बाई 100 किलोमीटर है। कांतली नदी के बहाव क्षेत्र को तोरावाटी कहा जाता है। कांतली नदी अंतः प्रवाह एवं पूर्णतः वर्षा पर आधारित नदी है।

अरावली पर्वतमाला- झुंझुनू जिले का दक्षिण-पूर्वी भाग अरावली पर्वतमाला से घिरा हुआ है अर्थात् झुंझुनू जिले के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में अरावली पर्वतमाला स्थित है।

गर्मी- झुंझुनू जिले में गर्मियों का मौसम मार्च के महीने से शुरू होता है तथा मई के महीने में खत्म होता है। गर्मियों के मौसम में न्यूनतम तापमान 32°C होता है तथा अधिकतम तापमान 47°C तक होता है। गर्मियों के मौसम में दिन का तापमान अत्यधिक होता है। गर्मियों का चरम मौसम मई के महीने के दौरान होता है।

मानसून- झुंझुनू जिले में मानसून का मौसम जून के महीने से शुरू होता है तथा सितंबर के महीने में खत्म होता है। मानसून के मौसम में झुंझुन जिले में उचित मात्रा में वर्षा होती है। झुंझुनू जिले में अक्टूबर व नवंबर के महीने में मौसम सामान्य रहता है झुंझुनू जिले में पर्यटन के लिए सबसे अच्छा समय अक्टूबर तथा नवंबर के महीने का होता है।

सर्दी- झुंझुनू जिले में सर्दी का मौसम दिसंबर के महीने से शुरू होता है तथा फरवरी के महीने में खत्म होता है। सर्दी के मौसम में न्यूनतम तापमान 1°C होता है तथा अधिकतम तापमान 15°C होता है। सर्दी के मौसम में सर्वाधिक ठंड दिसंबर व जनवरी महीने में पड़ती है।

झुंझुनू जिले का तापमान-
 मौसम न्यूनतम तापमान अधिकतम तापमान
 गर्मी 32°C 47°C
 सर्दी 1°C 15°C

झुंझुनू जिले का इतिहास-

झुंझुनू- झुंझुनू एक प्राचीन शहर है लेकिन वर्तमान में एक जिला मुख्यालय है। झुंझुनू जिले में बहादुर सैनिकों का एक शानदार निशान है जिन्होंने अपने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया है। झुंझुनू जिला राजस्थान के समृद्ध जिलों में से एक है। झुंझुनू शहर की स्थापना कब और किसके द्वारा की गई थी इसका कोई प्रमाण नहीं है। यह माना जाता है की विक्रम संवत 1045 में चौहान राजवंश द्वारा झुंझुनू पर शासन किया गया था झुंझुनू पर शासन करने वाले चौहन राजवंश में सिद्धराज प्रसिद्ध राजा था झुंझुनू को झुंझुनू नाम झुंझा जाट या जुझार सिंह नेहरा की याद में दिया गया है।

मोहम्मद खान- 1450 में मोहम्मद खान तथा मोहम्मद खान के बेटे समस खान ने चौहानों को हराया और झुंझुनू पर विजय प्राप्त की व मोहम्मद खान झुंझुनू के नवाब बने। मोहम्मद खान के बाद 1459 में मोहम्मद खान के पुत्र समस खान ने झुंझुनू की राजगद्दी संभाली। समस खान ने समसपुर गांव की स्थापना की और समस तालाब का निर्माण करवाया।

झुंझुनू पर शासन करने वाले नवाब निम्नलिखित है-
 झुंझुनू के नवाब
 मोहम्मद खान
 समस खान
 फतेह खान
 मुबारक खान
 कमाल खान
 भीकम खान
 मोहब्बत खान
 खिजर खान
 बहादुर खान
समस खान सानी
 सुल्तान खान
 वाहिद खान
 साद खान
 फजल खान
 रोहिल्ला खान
रोहिल्ला खान- रोहिल्ला खान झुंझुनू का आखिरी नवाब था। नवाबों ने झुंझुनू पर 280 वर्षों तक शासन किया। शार्दुल सिंह ने रोहिल्ला खान के पास विश्वसनीय दीवान के रूप में काम किया था। शार्दुल सिंह एक बहादुर, साहसी व कुशल प्रशासक था।

शार्दुल सिंह- शार्दुल सिंह ने 1730 में रोहिल्ला खान की मृत्यु के बाद झुंझुनू पर कब्जा कर लिया। शार्दुल सिंह अपने पूर्वज राव शेखा की तरह बहादुर था। शार्दुल सिंह ने 12 वर्षों तक झुंझुनू पर शासन किया। शार्दुल सिंह ने तीन शादियां की थी। शार्दुल सिंह के 6 पुत्र थे जैसे- जोरावर सिंह, किशन सिंह, बहादुर सिंह, अखय सिंह, नवल सिंह और केशरी सिंह। शार्दुल सिंह के बेटे बहादुर सिंह की कम आयु में ही मृत्यु हो गई थी। शार्दुल सिंह की मृत्यु के बाद संपत्ति शार्दुल सिंह के पांच बेटों में समान रूप से विभाजित हो गई और शार्दुल सिंह के बेटों ने भारत की स्वतंत्रता प्राप्ती तक झुंझुनू पर शासन किया। शार्दुल सिंह धार्मिक मन के व्यक्ति थे। शार्दुल सिंह ने झुंझुनू में कल्याण जी मंदिर और गोपीनाथ के मंदिर जैसे कई मंदिरों का निर्माण करवाया था। अपने पिता की याद में शार्दुल सिंह के बेटों ने परसरामपुरा में एक स्मारक गुंबद बनाया। इस स्मारक की फ्रेस्को पेंटिंग देखने लायक है।

शेखावाटी ब्रिगेड- मेजर फोस्टर के द्वारा 1835 ई. में झुंझुनू जिले में एक फौज की स्थापना की गई थी तथा इस फौज का नाम शेखावाटी ब्रिगेड रखा था।

राव शेखा- झुंझुनू जिला शेखावाटी क्षेत्र का ही हिस्सा है। शेखावाटी को राव शेखा के नाम के कारण ही शेखावाटी कहा जाता है। राव शेखा एक महान योद्धा थे। राव शेखा ने अपना राज्य दूर-दूर तक स्थापित किया था। राव शेखा ने कई वर्षों तक शेखावाटी क्षेत्र पर शासन किया था। राव शेखा की मृत्यु वर्ष 1488 में रालवाता के पास हुई थी। शेखावाटी क्षेत्र राजस्थान की कला दीर्घा (Open Air Art Gallery) के नाम से प्रसिद्ध है। शेखावाटी की हवेलियां फ्रेस्को पेंटिंग (Fresco Painting) के लिए जानी जाती है। शेखावाटी को राजस्थान का सिंह द्वार भी कहा जाता है। फ्रेस्को चित्रकला अठारवीं शताब्दी में अस्तित्व में आई।

झुंझुनू जिले की कला एवं संस्कृति-

प्रमुख मेले-
1. रायमाता का मेला (गांगियासर, झुंझुनू)
2. मनसा देवी का मेला (झुंझुनू)
3. राणी सती मेला (झुंझुनू)
4. लोहार्गल मेला (लोहार्गल, झुंझुनू)
5. नरहड़ पीरजी का मेला (नरहड़, झुंझुनू)

1. रायमाता का मेला- रायमाता का मेला विजयदशमी के दिन झुंझुनू जिले की गांगियासर नामक जगह पर भरता है।

2. मनसा देवी का मेला- मनसा देवी का मेला चैत्र सुदी अष्टमी तथा आसोज सुदी अष्टमी के दिन झुंझुनू में भरता है।

3. राणी सती मेला- राणी सती का मेला भाद्रपद कृष्ण अमावस्या के दिन झुंझुनू में भरता है।

4. लोहार्गल मेला- लोहार्गल मेला भाद्रपद गोगानवमी से भाद्रपद अमावस्या तक तथा चैत्र में सोमवती अमावस्या के दिन झुंझुनू जिले की लोहार्गल नामक जगह पर भरता है।

5. नरहड़ पीरजी का मेला- नरहड़ पीरजी का मेला कृष्ण जन्माष्टमी के दिन झुंझुनू जिले की नरहड़ नामक जगह पर भरता है।

प्रमुख मंदिर-
1. राणी सती मंदिर (झुंझुनू)
2. लोहार्गल (लोहार्गल, झुंझुनू)
3. नरहड़ शरीफ की दरगाह (नरहड़, झुंझुनू)
4. रघुनाथजी चूड़ावत का मंदिर (खेतड़ी, झुंझुनू)

1. राणी सती मंदिर- राणी सती अग्रवाल जाती की थी। तथा राणी सती अग्रवाल समाज की कुल देवी भी है। राणी सती के मंदिर को नारायणी बाई का मंदिर भी कहते है क्योकी राणी सती का वास्तविक नाम नारायणी था। राणी सती का मंदिर झुंझुनू में स्थित है। राजस्थान में सर्वाधिक सतीया राणी सती के परिवार से हुई है। राणी सती के परिवार से कुल 13 महिलाएं सती हुई है। 'लाज राखो माँ राणी' राजस्थान की पहली रंगीन फिल्म है। यह फिल्म सन् 1973 में बनायी गई थी।

2. लोहार्गल- लोहार्गल झुंझुनू जिले का एक प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है। लोहार्गल तीर्थ झुंझुनू जिले की नवलगढ़ पंचायत समिति की लोहार्गल ग्राम पंचायत के लोहर्गल गांव में मालकेतु पर्वत की शंखाकार घाटी में स्थित है। मालकेतु पर्वत अरावली पर्वतमाला की गोद में स्थित है। लोहार्गल को स्थानीय अपभ्रंश भाषा में लुहागरजी कहा जाता है। लोहार्गल तीर्थ स्थल की 24 कौसी परिक्रमा प्रसिद्ध है।  24 कौसी परिक्रमा को मालखेत जी की परिक्रमा भी कहते है। लोहर्गल में बोरखंडी शिखर एवं सूर्यकुण्ड प्रमुख दर्शनीय स्थल है। लोहार्गल को पांडवों की प्रायश्चिच स्थली भी कहा जाता है क्योकी जब महाभारत का युद्ध समाप्त हुआ तब पांडव अपने भाई बंधुओं की हत्या करने के पाप से बहुत दुःखी थे और इसी दोरान भगवान श्रीकृष्ण ने पांडवों को यह सलाह दी की जिस तीर्थ के पानी में तुम्हारे हथियार गल जाए वहीं तुम्हें पाप से मुक्ति मिल सकती है। तथा भगवान श्रीकृष्ण की इसी सलाह के बाद पांडव तीर्थ स्थलों पर घूमते-घूमते लोहार्गल पहुंचे और जैसे ही पांडवों ने लोहार्गल के सूर्यकुण्ड में स्नान किया तो पांडवों के सारे हथियार गल गये। पांडवों ने लोहार्गल की इसी महिमा को समझते हुए लोहार्गल को तीर्थ राज की उपाधि दी थी।

3. नरहड़ शरीफ की दरगाह- नरहड़ शरीफ की दरगाह झुंझुनू जिले की चिड़ावा तहसील के नरहड़ नामक कस्बे में स्थित है। नरहड़ शरीफ की दरगाह वास्तव में बाबा शक्कर बार पीर की दरगाह है। बाबा शक्कर बार पीर को हाजी बाबा तथा बांगड़ का धणी जैसे नामों से भी जाना जाता है। बाबा शक्कर बार पीर की दरगाह पर प्रत्येक वर्ष जन्माष्टमी के दिन मेला भरता है। बाबा शक्कर बार पीर की दरगाह की पवित्र भूमी साम्प्रदायिक सद्भाव का अनूठा स्थल है। बाबा शक्कर बार पीर की दरगाह में तीन दरवाजे है जैसे- बुलन्द दरवाजा, बसन्ती दरवाजा, बगली दरवाजा।

4. रघुनाथजी चूड़ावत का मंदिर- रघुनाथजी चूड़ावत का मंदिर खेतड़ी का प्रसिद्ध मंदिर है। रघुनाथजी चूड़ावत के मंदिर का निर्माण राजा बख्तावर जी की रानी चूड़ावत ने करवाया था। रघुनाथजी चूड़ावत का मंदिर झुंझुनू जिले के खेतड़ नगर में स्थित है। रघुनाथजी चूड़ावत के मंदिर में भगवान श्री राम व लक्ष्मण की मूछों वाली मूर्तियां स्थित है।

प्रमुख दर्शनीय स्थल-
1. खेतड़ी महल (झुंझुनू)
2. खेतड़ी (झुंझुनू)
3. अजीत सागर बांध (बांसियाल गांव, खेतड़ी, झुंझुनू)
4. स्वामी विवेकानंद म्यूजियम (खेतड़ी, झुंझुनू)
5. पिलानी (झुंझुनू)
6. महनसर (झुंझुनू)
7. नवलगढ़ (झुंझुनू)

1. खेतड़ी महल (झुंझुनू)- खेतड़ी महल का निर्माण खेतड़ी के महाराजा भोपाल सिंह (1735 -1771 ई.) के द्वारा अपने ग्रीष्मकालीन विश्राम के लिए झुंझुनू में लगभग 1770 में करवाया गया था। भोपाल सिंह शार्दुल सिंह का पोता था। खेतड़ी महल अनेक खिड़कियों व झरोखों से रहित है। खेतड़ी महल में जयपुर के हवा महल की झलक तथा लखनऊ (उत्तर प्रदेश) जैसी भूल-भूलैया देखने को मिलती है। खेतड़ी महल को राजस्थान का दूसरा हवा महल व झुंझुनू का हवा महल भी कहते है। खेतड़ी महल शेखावाटी कला व स्थापत्य कला का विश्वसनीय उदाहरण माना जाता है।

2. खेतड़ी (झुंझुनू)- खेतड़ी झुंझुनू जिले का एक प्रमुख नगर है। खेतड़ी नगर की नींव राजा खेत सिंह निर्बान के द्वारा डाली गई थी। भारत तथा राजस्थान की ताम्र नगरी खेतड़ी को कहा जाता है क्योकी खेतड़ी में भारत का एकमात्र तांबा उत्पादक संस्थान 'हिन्दुस्तान काॅपर लिमिटेड' स्थित है। खेतड़ी से स्वामी विवेकानंद का गहरा संबंध है क्योकी खेतड़ी के महाराजा अजीत सिंह से स्वामी विवेकानंद का पारिवारिक संबंध होने के कारण स्वामी विवेकानंद शिकागो धर्म सम्मेलन में जाने से पूर्व स्वामी विवेकानंद खेतड़ी आये थे। स्वामी विवेकानंद को विवेकानंद नाम खेतड़ी के महाराजा अजीत सिंह ने ही दिया था। भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पण्डित जवाहर लाल नेहरू के पिता पण्डित मोतीलाल नेहरू की प्रारंभिक शिक्षा भी खेतड़ी से ही हुई थी। खेतड़ी में खेतड़ी का किला, गोपालगढ़ का दुर्ग, गोपीनाथ का मंदिर,  रामकृष्ण मिशन का मठ, पन्नालाल शाह का तालाब या सतरंगी तालाब आदि दर्शनीय स्थल है।

3. अजीत सागर बांध (बांसियाल गांव, खेतड़ी, झुंझुनू)- अजीत सागर बांध का निर्माण राजा अजीत सिंह ने करवाया था अजीत सागर बांध झुंझुनू जिले की खेतड़ी पंचायत समिति की डाडा फतेहपुरा ग्राम पंचायत के बांसियाल गांव में स्थित है।

4. स्वामी विवेकानंद म्यूजियम (खेतड़ी, झुंझुनू)- स्वामी विवेकानंद म्यूजियम को बनाने की घोषणा स्वामी विवेकानंद की 150वीं जयंती पर 12 जनवरी 2013 में की गई थी। स्वामी विवेकानंद म्यूजियम खेतड़ी (झुंझुनू) में निर्माणाधीन है।

5. पिलानी (झुंझुनू)- पिलानी झुंझुनू जिले का एक प्रमुख शहर है जिसे तकनीकी शिक्षा का राष्ट्रीय सिरमौर भी कहा जाता है। पिलानी में बिड़ला प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान (BITS- Birla Institute of Technology and Science) तथा केन्द्रीय इलेक्ट्रानिकी अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (CEERI- Central Electronics Engineering Research Institute) स्थित है। पिलानी में बिड़ला हवेली, पंचवटी तथा बिड़ला तकनीकी म्यूजियम आदि दर्शनीय स्थल है। बिड़ला तकनीकी म्यूजियम भारत का पहला उद्योग एवं तकनीकी म्यूजियम है। बिड़ला तकनीकी म्यूजियम की स्थापना 1954 में पिलानी मे की गई थी। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने ब्रह्मोस मिसाइल का प्रोजेक्ट पिलानी के निकट स्थापित करने की परियोजना वर्ष 2010 में स्वीकार की है। भारत के प्रसिद्ध उद्योगपति श्री घनश्यामदास बिड़ला का संबंध पिलानी से है क्योकी श्री घनश्यामदास बिड़ला का पैतृक स्थल पिलानी ही है।

6. महनसर (झुंझुनू)- महनसर झुंझुनू जिले की अलसीसर पंचायत संमिति के महनसर ग्राम पंचायत का एक गांव है। महनसर की पौद्दारों की 'सोने की दुकान' प्रसिद्ध है जिस पर भित्ति चित्रों में स्वर्णिम पाॅलिस की गई है। इस दुकान या हवेली में तीन गुंबददार छत है जिस पर बाई तरफ रामायण के दृश्यों को चित्रित किया गया है बीच में विष्णु के अवतार तथा दाई तरफ कृष्ण के जीवन के दृश्यों को चित्रित किया गया है। तोलाराम मसखरा का महफिल खाना भी महनसर में ही स्थित है। महनसर गांव 'महनसर शराब' के लिए भी प्रसिद्ध है।

7. नवलगढ़ (झुंझुनू)- नवलगढ़ झुंझुनू जिले की एक पंचायत समिति है। नवलगढ़ क्षेत्र को शेखावाटी की स्वर्णनगरी के नाम से भी जाना जाता है। नवलगढ़ में भगतों की हवेलियां, आठ हवेली काम्पलेक्स, चौखानी परिवार की हवेली, पौद्दारों की हवेली, बघेरियों की हवेलियां, रूपनिवास महल आदि प्रमुख दर्शनीय स्थल है।


झुंझुनू जिले के अन्य महत्वपूर्ण तथ्य

शेखावाटी- शेखावाटी क्षेत्र तीन प्रमुख जिलों से मिलकर बना है जैसे झुंझुनू, चुरू तथा सीकर। शेखावाटी क्षेत्र के परम्परागत लोकनृत्य ढप, चंग तथा गींदड़ है।

विधानसभा क्षेत्र- झुंझुनू जिले में कुल 7 विधानसभा क्षेत्र है जैसे-
1. झुंझुनू विधानसभा
2. मंडावा विधानसभा
3. नवलगढ़ विधानसभा
4. उदयपुरवाटी विधानसभा
5. खेतड़ी विधानसभा
6. पिलानी विधानसभा
7. सूरजगढ़ विधानसभा

लोकसभा क्षेत्र- झुंझुनू जिले में कुल 1 लोकसभा क्षेत्र है जैसे-
1. झुंझुनू

पंचायत समिति- झुंझुनू जिले में कुल 8 पंचायत समिति है जैसे-
1. झुंझुनू
2. अलसीसर
3. चिड़ावा
4. सूरजगढ़
5. खेतड़ी
6. उदयपुरवाटी
7. बुहाना
8. नवलगढ़

तहसील- झुंझुनू जिले में कुल 8 तहसील है जैसे-
1. झुंझुनू तहसील
2. मलसीसर तहसील
3. बुहाना तहसील
4. उदयपुरवाटी तहसील
5. नवलगढ़ तहसील
6. खेतड़ी तहसील
7.  चिड़ावा तहसील
8. सूरजगढ़ तहसील

उप तहसील- झुंझुनू जिले में कुल 5 उप तहसील है जैसे-
1. मंडावा उप तहसील (झुंझुनू तहसील के अंतर्गत)
2. सिंघाना उप तहसील (बुहाना तहसील के अंतर्गत)
3. बिसाऊ उप तहसील (मलसीसर तहसील के अंतर्गत)
4. मुकुंदगढ़ उप तहसील (नवलगढ़ तहसील के अंतर्गत)
5. गुढ़ागौड़जी उप तहसील (उदयपुरवाटी तहसील के अंतर्गत)

नगर परिषद- झुंझुनू जिले में कुल 1 नगर परिषद है जैसै-
1. झुंझुनू

नगर पालिका- झुंझुनू जिल में कुल 12 नगर पालिका है जैसे-
1. झुंझुनू
2. मंडावा
3. बगड़
4. बिसाऊ
5. पिलानी
6. विद्याविहार
7. सूरजगढ़
8. चिड़ावा
9. खेतड़ी
10. मुकुंदगढ़
11. नवलगढ़
12. उदयपुरवाटी

ग्राम पंचायत- झुंझुनू जिले में कुल 301 ग्राम पंचायत है।

गांव- झुंझुनू जिले में कुल गांवों की संख्या 957 है।

वाहन पंजीकरण- राजस्थान के झुंझुनू जिले का वाहन पंजीकरण RJ-18 से होता है।


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