राजस्थान के प्रमुख शोध संस्थान एवं संग्रहालय (म्यूजियम)

1. केन्द्रीय संग्रहालय या एल्बर्ट हाॅल म्यूजियम (जयपुर, राजस्थान)- यह संग्रहालय जयपुर में स्थित है। इस म्यूजियम की नींव महाराजा रामसिंह द्वितीय के शासन काल में 1876 ई. में प्रिंस एल्बर्ट (प्रिंस अल्बर्ट) के द्वारा रखी गई थी तथा 1887 में इसका उद्घाटन सर एडवर्ड बेडफोर्ड के द्वारा किया गया था। यह म्यूजियम राजस्थान का प्रथम संग्रहालय (म्यूजियम) है। एल्बर्ट हाॅल म्यूजियम में मिश्र की प्राचीनकालीन ममी रखी गई है। एल्बर्ट हाॅल म्यूजियम राजस्थान का सबसे बड़ा संग्रहालय है। केन्द्रीय संग्रहालय का एल्बर्ट हाॅल म्यूजियम नाम प्रिंस एल्बर्ट के नाम पर रखा गया है। केन्द्रीय संग्रहालय को प्रिंस अलबर्ट म्यूजियम भी कहते है।

2. राजस्थान पुरातत्त्व एवं संग्रहालय विभाग (जयपुर, राजस्थान)- यह विभाग जयपुर में स्थित है। इस विभाग की स्थापना (गठन) 1950 में जयपुर में की गई थी। इस विभाग के द्वारा 'द रिसर्चर' नाम से पत्रिका प्रकाशित की जाती है।

3. राजस्थान राज्य अभिलेखागार (बीकानेर, राजस्थान)- इसकी स्थापना 1955 में राजस्थान के जयपुर में की गई थी। सन् 1960 में इसे जयपुर से बीकानेर स्थानान्तरित किया गया था। राजस्थान राज्य अभिलेखागार की स्थापना का मुख्य उद्देश्य इतिहास में लिखित सामग्री को सुरक्षित रखना था। वर्तमान में राजस्थान राज्य अभिलेखागार का मुख्यालय बीकानेर में स्थित है। इस विभाग में मुख्यालय के अलावा 6 अन्य शाखाएं भी बनायी गई है जो की राजस्थान के अलग-अलग शहरों में स्थित है जैसे- जयपुर, अलवर, अजमेर, उदयपुर, कोटा, भरतपुर

4. प्राच्य विद्या प्रतिष्ठान (जोधपुर, राजस्थान)- इसकी स्थापना 1955 में जोधपुर में की गई थी। राजस्थान सरकार के द्वारा 1950 में संस्कृत मंडल की स्थापना की गई थी। संस्कृत मंडल का पुर्नगठन कर 1955 में प्राच्य विद्या प्रतिष्ठान के रूप में बदल दिया गया था।

5. अरबी फारसी शोध संस्थान (टोंक, राजस्थान)- इसकी स्थापना 1978 में टोंक में की गई थी। अरबी फारसी शोध संस्थान में औरंगजेब द्वारा लिखित पुस्तक 'आलमगिरी कुरान' तथा शाहजहाँ द्वारा लिखवाई गई पुस्तक 'कुराने कमाल' रखी गई है।

6. सर छोटूराम स्मारक संग्रहालय (हनुमानगढ़, राजस्थान)- इसकी स्थापना स्वामी केशवानंद के द्वारा हनुमानगढ़ जिले के संगरिया नामक स्थान पर की गई थी।

7. बागोर की हवेली संग्रहालय (उदयपुर, राजस्थान)- यह संग्रहालय उदयपुर की पिछोला झील के किनारे गणगौर घाट पर बागोर की हवेली में स्थित है।

8. जनजाति संग्रहालय (उदयपुर, राजस्थान)- इसकी स्थापना 30 दिसंबर 1983 को उदयपुर में माणिक्यलाल वर्मा जनजाति शोध संस्थान के द्वारा की गई थी। जनजाति संग्रहालय के प्रवेश द्वार पर मेवाड़ का राज चिह्न 'जो दृढ़ राखे धर्म को ताहि राखे करतार' रखा गया है।

9. जैसलमेर संग्रहालय (जैसलमेर, राजस्थान)- जैसलमेर संग्रहालय की नींव 5 दिसंबर 1979 को रखी गई थी तथा 14 फरवरी 1984 को उद्घाटन कर जन साधारण के लिए खोल दिया गया था। यह संग्रहालय राजस्थान का सबसे प्राचीन वस्तुओं का संग्रहालय है। जैसलमेर संग्रहाल राजस्थान के जैसलमेर जिले के पोकरण में भादरिया  नामक स्थान पर स्थित है। पोकरण के भादरिया नामक स्थान पर राजस्थान का सबसे बड़ा गैस सरकारी पुस्तकालय स्थित है। इस पुस्तकालय की स्थापना 1983 में संत हरवंश सिंह निर्मल के द्वारा की गई थी जो की पंजाब के फिरोजपुर के निवासी है। यह पुस्तकालय 15000 वर्ग फिट में फैला हुआ है।

10. राजकीय संग्रहालय (अजमेर, राजस्थान)- इसकी स्थापना भारत सरकार के द्वारा मैगजीन के किले (अकबर का किला) में 19 अक्टूबर 1908 को राजपूताना म्यूजियम के नाम से की गई थी। यह संग्रहालय राजस्थान के अजमेर जिले में स्थित है।

11. लोक कला मण्डल (उदयपुर, राजस्थान)- ़यह राजस्थान के उदयपुर में स्थित है।

12. राजकीय संग्रहालय (बीकानेर, राजस्थान)- इस संग्रहालय का उद्घाटन महाराजा ंगंगासिंह के समय तत्कालीन वायसराय लाॅर्ड लिनलिथगो के द्वारा 5 नवम्बर, 1937 में गंगा गोल्डन जुबली म्युजियम के नाम से किया गया था। यह संग्रहालय एल.पी. तेस्सितोरी (डाॅ. एल.पी. टेस्सीटोरी) के द्वारा निर्मित है। इस संग्रहालय को गंगा सिंह म्यूजियम व गंगा गोल्डन जुबली म्यूजियम के नाम से भी जाना जाता है। इस संग्रहालय में पल्लू से प्राप्त जैन सरस्वती की आकर्षक प्रतिमा स्थति है। राजकीय संग्रहालय बीकानेर में तीन संग्रहालय शामिल है जैसे-
(क) करणी म्यूजियम (बीकानेर, राजस्थान)- यह संग्रहालय बीकानेर में जुनागढ़ किले के गंगा निवास में स्थित है।
(ख) सार्दुल म्यूजियम या सादुल सिंह संग्रहालय (बीकानेर, राजस्थान)- यह बीकानेर के लालगढ़ महल की दूसरी मंजिल पर स्थित है। यह संग्रहालय 1972 में अस्तित्व में आया था।
(ग) राजकीय संग्रहालय (बीकानेर, राजस्थान)

13. सिटी पैलेस म्यूजियम (जयपुर, राजस्थान)- इसकी स्थापना 1959 में जयपुर के सिटी पैलेस में महाराजा सवाई मानसिंह द्वितीय के द्वारा की गई थी। इस संग्रहालय को सवाई मानसिंह संग्रहालय के नाम से भी जाना जाता है। इस संग्रहालय (दीवान-ए-खास) में दूनिया के विशालतम चाँदी के दो जार रखे हुए है जो गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है।

14. जिनभद्रसूरि ज्ञान भंडार (जैसलमेर, राजस्थान)- यह जैसलमेर जिले के सोनारगढ़ दुर्ग में स्थित है। जिनभद्रसूरि ज्ञान भंडार में प्राचीन ग्रंथों का भंडार है।

15. सिटी पैलेस म्यूजियम (उदयपुर, राजस्थान)- इस संग्रहालय का निर्माण महाराणा अमरसिंह प्रथम के द्वारा करवाया गया था। यह संग्रहालय उदयपुर के सिटी पैलेस में स्थित है।

16. राजकीय संग्रहालय (उदयपुर, राजस्थान)- यह संग्रहालय उदयपुर में स्थित है। इस संग्रहालय को राजकीय प्रताप संग्रहालय या प्रताप संग्रहालय भी कहते है।

17. राजकीय संग्रहालय (झालावाड़, राजस्थान)- यह संग्रहालय झालावाड़ में स्थित है।

18. श्री सरस्वती पुस्तकालय (फतेहपुर, सीकर, राजस्थान)- यह पुस्तकालय राजस्थान के सीकर जिले के फतेहपुर में स्थित है।

19. पुस्तक प्रकाश पुस्तकालय (जोधपुर, राजस्थान)- इसकी स्थापना महाराजा मानसिंह के द्वारा की गई थी।

20. पोथीखाना (जयपुर, राजस्थान)- इसकी स्थापना 1952 में महाराजा सवाई मानसिंह द्वितीय के द्वारा की गई थी।

21. सरस्वती भण्डार (उदयपुर, राजस्थान)- यह राजस्थान के उदयपुर में स्थित है।

22. रूपायन संस्थान (बौरूदा, जोधपुर, राजस्थान)- यह राजस्थान के जोधपुर जिले के बौरूदा नामक स्थान पर स्थित है।

23. बिड़ला तकनीकी म्यूजियम (पिलानी, झुंझुनू, राजस्थान)- इसकी स्थापना 1954 में राजस्थान के झुंझुनू जिले के पिलानी शहर में की गई थी। यह म्यूजियम पिलानी के बिड़ला इस्टीट्यूट आफ टेकनाॅलाॅजी एंड साइंस संस्थान (BITS) के परिसर में स्थित है। बिड़ला तकनीकी म्यूजियम भारत का प्रथम उद्योग व तकनीकी म्यूजियम है। इस म्यूजियम में स्थित कोयले की खानों (कोलमाइन्स) का प्रदर्शन पूरे एशिया में प्रसिद्ध है।

24. राजस्थानी शोध संस्थान (चौपासनी, जोधपुर, राजस्थान)- यह संस्थान राजस्थान के जोधपुर जिले के चौपासनी नामक स्थान पर स्थित है।

25. राजस्थानी साहित्य अकादमी (उदयपुर, राजस्थान)- इसकी स्थापना 1950 में उदयपुर में की गई थी। राजस्थानी साहित्य की उन्नती एवं प्रचार प्रसार हेतु राजस्थानी साहित्य अकादमी के द्वारा 'मधुमति' नाम से मासिक पत्रिका प्रकाशित की जाती है।

26. राजस्थान हिंदी ग्रंथ अकादमी (जयपुर, राजस्थान)- इसकी स्थापना 1968 में जयपुर में की गई थी।

27. राजस्थान संस्कृत अकादमी (जयपुर, राजस्थान)- इसकी स्थापना 1980 में जयपुर में की गई थी।

28. राजस्थान उर्दू अकादमी (जयपुर, राजस्थान)- इसकी स्थापना 1979 में जयपुर में की गई थी।

29. राजस्थान सिंधी अकादमी (जयपुर, राजस्थान)- इसकी स्थापना 1979 में जयपुर में की गई थी। राजस्थान सिंधी अकादमी के द्वारा 'रिहाण' नाम से वार्षिक पत्रिका प्रकाशित की जाती है।

30. राजस्थानी भाषा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी (बीकानेर, राजस्थान)- इसकी स्थापना 1983 में बीकानेर में की गई थी। राजस्थानी भाषा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के द्वारा 'जागती जोत' नाम से मासिक पत्रिका प्रकाशित की जाती है।

31. राजस्थान ब्रजभाषा अकादमी (जयपुर, राजस्थान)- इसकी स्थापना 19 जनवरी 1986 में जयपुर में की गई थी।

32. राजस्थान पंजाबी भाषा अकादमी (श्री गंगानगर, राजस्थान)- इसकी स्थापना 2006 में श्री गंगानगर में की गई थी।

33. पंडित झाबरमल शोध संस्थान (जयपुर, राजस्थान)- इसकी स्थापना 2000 में जयपुर में की गई थी।

34. श्री रामचरण प्राच्य विद्यापीठ एवं संग्रहालय (जयपुर, राजस्थान)- इसकी स्थापना 1960 में आचार्य रामचरण शर्मा व्याकुल के द्वारा जयपुर में की गई थी। इस संग्रहालय में अंतिम मुगल शासक बहादुर शाह जफर के बड़े बेटे मिर्जा अब्दुल्ला का वैवाहिक पत्र (मूल काबेन नामा) स्थित है।

35. सरदार म्यूजियम (जोधपुर, राजस्थान)- इसकी स्थापना सन् 1909 में जोधपुर में की गई थी। इस संग्रहालय को सरदार राजकीय संग्रहालय के नाम से भी जाना जाता है।

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