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प्लाज्मा (Plasma)

प्लाज्मा (Plasma)


प्लाज्मा (Plasma)-

➠प्लाज्मा मनुष्य के रक्त का द्रव भाग होता है अर्थात् मनुष्य के रक्त में प्लाज्मा द्रव अवस्था में उपस्थित होता है।

➠मनुष्य के शरीर में उपस्थित रक्त में 55% भाग प्लाज्मा का होता है अर्थात् रक्त के 55 प्रतिशत हिस्से में प्लाज्मा पाया जाता है।

➠प्लाज्मा में 90% से 92% तक पानी पाया जाता है।

➠प्लाज्मा में 6% से 8% तक प्लाज्मा प्रोटीन (Plasma Protein) पाये जाते है।

➠प्लाज्मा में शेष बचे भाग में हार्मोन (Hormone) तथा भोजन से प्राप्त पोषक तत्व पाये जाते है।


प्लाज्मा प्रोटीन (Plasma Protein)-

➠प्लाज्मा में 4 प्रकार के प्रोटीन होते है अर्थात् प्लाज्मा प्रोटीन 4 प्रकार के होते है जैसे-

1. ग्लोब्युलिन प्रोटीन (Globulin Protein)

2. एल्बुमिन प्रोटीन (Albumin Protein)

3. प्रोथ्रोम्बिन प्रोटीन (Prothrombin Protein)

4. फाइब्रिनोजेन प्रोटीन (Fibrinogen Protein)


1. ग्लोब्युलिन प्रोटीन (Globulin Protein)-

➠ग्लोब्युलिन प्रोटीन मनुष्य के रक्त में उपस्थित प्लाज्मा में पाया जाता है।

➠मनुष्य के शरीर में एंटीजन (Antigen) के प्रवेश करने पर प्लाज्मा में उपस्थित ग्लोब्युलिन प्रोटीन से एंटीबाॅडी (Antibody) का निर्माण होता है।

➠मनुष्य के शरीर में एंटीबाॅडी के निर्माण के लिए लिम्फोसाइट (Lymphocyte), ग्लोब्युलिन प्रोटीन को एंटीबाॅडी में परिवर्तित कर देता है क्योंकि ग्लोब्युलिन प्रोटीन शरीर में एंटीबाॅडी का निर्माण करता है तथा एंटीबाॅडी शरीर की प्रतिरक्षा बनाती है। इसीलिए ग्लोब्युलिन प्रोटीन को इम्युनोग्लोबुलिन प्रोटीन (Immunoglobulin- Ig) भी कहते है।

➠यह इम्युनोग्लोबुलिन (Ig) या एंटीबाॅडी 5 प्रकार की होती है जैसे-

(I) इम्युनोग्लोबुलिन जी (IgG) या Immunoglobulin G

(II) इम्युनोग्लोबुलिन ए (IgA) या Immunoglobulin A

(III) इम्युनोग्लोबुलिन एम (IgM) या Immunoglobulin M

(IV) इम्युनोग्लोबुलिन ई (IgE) या Immunoglobulin E

(V) इम्युनोग्लोबुलिन डी (IgD) या Immunoglobulin D


(I) इम्युनोग्लोबुलिन जी (IgG) या Immunoglobulin G-

➠इम्युनोग्लोबुलिन जी (IgG) एंटीबाॅडी महिला में प्लेसेंटा का पार कर लेती है इसीलिए इम्युनोग्लोबुलिन जी (IgG) एंटीबाॅडी गर्भावस्था में बच्चे की रक्षा करती है।

➠बच्चे में जन्म के लगभग 1 वर्ष के आयु के बाद एंटीबाॅडी का निर्माण होने शुरू होता है।

➠बच्चा जब गर्भाशय में होता है तब तथा जन्म के बाद लगभग 1 वर्ष तक बच्चे को रोगों से बचाने के लिए माँ की एंटीबाॅडी ही बच्चे में प्रवेश करती है और रोगों से बचाती है।


(II) इम्युनोग्लोबुलिन ए (IgA) या Immunoglobulin A-

➠शिशु के जन्म के बाद माँ में शुरुआती 2 या 3 दिन तक निकलने वाले दूध में इम्युनोग्लोबुलिन ए (IgA) एंटीबाॅडी पायी जाती है।

➠शिशु के जन्म के बाद माँ में शुरुआती 2 या 3 दिन तक निकलने वाला दूध गाढ़े पीले रंग का होता है।

➠शिशु के जन्म के बाद माँ में शुरुआती 2 या 3 दिन तक निकलने वाले दूध कोल्ट्रम (Colostrum) कहते है अर्थात् डिलीवरी के बाद महिला के स्तनों में जो पहला दूध निकलता है उसे कोलोस्ट्रम कहते है।

➠कोलोस्ट्रम गाढा पीला रंग का होता है।


(III) इम्युनोग्लोबुलिन एम (IgM) या Immunoglobulin M-

➠बच्चे के जन्म के बाद बच्चे के शरीर में सबसे पहले इम्युनोग्लोबुलिन एम (IgM) एंटीबाॅडी बनती है अर्थात् बच्चे के जन्म के लगभग 1 वर्ष के बाद इम्युनोग्लोबुलिन एम (IgM) एंटीबाॅडी सबसे पहले बनती है।

➠बच्चे में जन्म के लगभग 1 वर्ष तक कोई एंटीबाॅडी नहीं बनती है। बच्चे में लगभग 1 वर्ष के बाद ही एंटीबाॅडी बनना शुरु होती है।

➠इम्युनोग्लोबुलिन एम (IgM) एंटीबाॅडी मनुष्य के शरीर में बनने वाली सबसे बड़ी एंटीबाॅडी है अर्थात् मनुष्य के शरीर में आकार में सबसे बड़ी एंटीबाॅडी इम्युनोग्लोबुलिन एम (IgM) एंटीबाॅडी है।


(IV) इम्युनोग्लोबुलिन ई (IgE) या Immunoglobulin E-

➠इम्युनोग्लोबुलिन ई (IgE) एंटीबाॅडी का एक प्रकार है।


(V) इम्युनोग्लोबुलिन डी (IgD) या Immunoglobulin D-

➠इम्युनोग्लोबुलिन डी (IgD) एंटीबाॅडी का एक प्रकार है।


2. एल्बुमिन प्रोटीन (Albumin Protein)-

➠एल्बुमिन प्रोटीन मनुष्य के रक्त में उपस्थित प्लाज्मा में पाया जाता है।

➠मनुष्य के रक्त में उपस्थित प्लाज्मा में सर्वाधिक मात्रा में एलबुमिन प्रोटीन पाया जाता है।

➠प्लाज्मा में उपस्थित एल्बुमिन प्रोटीन रक्त को गाढ़ा (सांद्रता) या श्यानता के काम आता है।


3. प्रोथ्रोम्बिन प्रोटीन (Prothrombin Protein)-

➠प्रोथ्रोम्बिन प्रोटीन मनुष्य के रक्त में उपस्थित प्लाज्मा में पाया जाता है।

➠मनुष्य के शरीर में प्रोथ्रोम्बिन प्रोटीन का निर्माण यकृत (Liver) में होता है।

➠प्रोथ्रोम्बिन प्रोटीन मनुष्य के शरीर में रक्त में पाया जाता है।

➠यकृत में प्रोथ्रोम्बिन प्रोटीन के निर्माण के लिए विटामिन-K सहायक होता है।

➠मनुष्य के रक्त में प्रोथ्रोम्बिन प्रोटीन निष्क्रिय (Inactive) अवस्था में पाया जाता है।

➠व्यक्ति को शरीर पर चोट लगने पर केमिकल निकलता है। चोट लगने पर केमिकल के निकलने से प्रोथ्रोम्बिन प्रोटीन थ्रोम्बिन प्रोटीन में परिवर्तित हो जाता है।

➠प्रोथ्रोम्बिन प्रोटिन मनुष्य के रक्त में सक्रिय (Active) अवस्था में पाया जाता है।


4. फाइब्रिनोजेन प्रोटीन (Fibrinogen Protein)-

➠फाइब्रिनोजेन प्रोटीन मनुष्य के रक्त में उपस्थित प्लाज्मा में पाया जाता है।

➠मनुष्य के शरीर में फाइब्रिनोजेन प्रोटीन का का निर्माण यकृत (Liver) में होता है।

➠फाइब्रिनोजेन प्रोटीन घुलनशील प्रोटीन (Soluble Protein) होता है।

➠फाइब्रिनोजेन प्रोटीन मनुष्य के रक्त में पाया जाता है।

➠फाइब्रिनोजेन प्रोटीन रेशेदार प्रोटीन (Fiber Protein) होता है।

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