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उत्सर्जन तंत्र (Excretory System)

उत्सर्जन (Excretion)-

  • नाइट्रोजनीकृत अपशिष्ट पदार्थ (Nitrogenous Waste Product) को शरीर से बाहर निकालने की प्रक्रिया को उत्सर्जन कहते हैं।


नाइट्रोजनीकृत अपशिष्ट पदार्थ (Nitrogenous Waste Product)-

  • नाइट्रोजनीकृत अपशिष्ट पदार्थ जैसे- अमोनिया (NH3)
  • नाइट्रोजनीकृत अपशिष्ट पदार्थ (अमोनिया) में तीक्ष्ण गंध (Unpleasant) आती है।
  • नाइट्रोजनीकृत अपशिष्ट पदार्थ (अमोनिया) मनुष्य के शरीर के लिए जहरीला (Toxic) होता है।

  • अमोनिया (NH3) मनुष्य के शरीर में रक्त के माध्यम से यकृत (Liver) में आने के बाद यूरिया चक्र की क्रिया के कारण यूरिया में परिवर्तित हो जाता है और अजहरीला (Non Toxic) हो जाता है।


अमोनिया का निर्माण (Formation of Ammonia)-

  • मनुष्य के शरीर में प्रोटीन (Protein) के उपापचय के कारण अमोनिया का निर्माण होता है।


प्रोटीन का निर्माण (Formation of Protein)-

  • मनुष्य के शरीर में कार्बन (Carbon), हाइड्रोजन (Hydrogen), ऑक्सीजन (Oxygen) तथा नाइट्रोजन (Nitrogen) तत्वों के अणुओं से मिलकर प्रोटीन का निर्माण होता है।


उत्सर्जन तंत्र (Excretory System)-

  • मनुष्य के शरीर में उत्सर्जन की प्रक्रिया में जो अंग काम में आते हैं उन अंगों को समिलित रूप से उत्सर्जन तंत्र कहते हैं।


उत्सर्जन की प्रक्रिया में काम में आने वाले अंग निम्नलिखित है।-

  • 1. किडनी (Kidney)
  • 2. मूत्र वाहिनी (Ureter)
  • 3. मूत्राशय (Urine Bladder)
  • 4. मूत्र मार्ग (Urethra)


यूरिया चक्र (Urea Cycle)-

  • मनुष्य के शरीर में अमोनिया (Ammonia) को यूरिया में बदलने की क्रिया को यूरिया चक्र कहते हैं।
  • यूरिया चक्र को ऑर्निथिन चक्र (Ornithine Cycle) भी कहते हैं।
  • मनुष्य के शरीर में अमोनिया को यूरिया में बदलने की क्रिया यकृत (Liver) में होती है।

  • मनुष्य के शरीर में यूरिया चक्र या ऑर्निथिन चक्र की क्रिया कार्बन डाई ऑक्साइड (CO2) तथा अमोनिया (NH3) के मिलने से होती है। अर्थात् Ornithine = NH3 + CO2


मूत्र का निर्माण (Formation of Urine)-

  • मनुष्य के शरीर में मूत्र का निर्माण किडनी में होता है।

  • मनुष्य के शरीर से मूत्र के बाहर आने पर गंध का कारण अमोनिया (NH3) होती है। क्योंकि मूत्र में उपस्थित यूरिया जीवाणु (Bacteria) के संपर्क में आते ही अमोनिया में परिवर्तित हो जाती है।
  • मनुष्य के मूत्र में 2 से 3 प्रतिशत तक यूरिया होती है।
  • मनुष्य में मूत्र में 95 प्रतिशत पानी होता है।


जीवाणु (Bacteria)-

  • जीवाणु (Bacteria) के कारण यूरिया अमोनिया में बदल जाती है तथा यही अमोनिया शौचालय (Toilet) के बाहर तीक्ष्ण गंध का कारण बनती है।


उत्सर्जी पदार्थ (Excretory Matter)-

  • ऐसे पदार्थ जो उत्सर्जन की प्रक्रिया के दौरान मनुष्य के शरीर से बाहर निकलते हैं उन्हें उत्सर्जी पदार्थ कहते हैं।
  • मनुष्य के शरीर में उत्सर्जी पदार्थ यूरिया (Urea) होता है।
  • मनुष्य एक यूरियोटेलिक जानवर (Ureotelic Animals) या यूरोटेलिक जानवर का उदाहरण है।
  • जानवरों को उत्सर्जी पदार्थों के आधार पर तीन भागों में विभाजित किया गया है। जैसे-
  • 1. यूरियोटेलिक जानवर (Ureotelic Animals)
  • 2. यूरिकोटेलिक जानवर (Uricotelic Animals)
  • 3. अमोनोटेलिक जानवर (Ammonotelic Animals)


1. यूरियोटेलिक जानवर (Ureotelic Animals)-

  • ऐसे जानवर जो यूरिया (Urea) को उत्सर्जी पदार्थ के रूप में शरीर के बाहर निकालते हैं उन जानवरों को यूरियोटेलिक कहते हैं। जैसे-
  • मैमेलिया (Mammalia) या स्तनधारी
  • एम्फिबिया (Amphibia) या उभयचर

  • मनुष्य एक यूरियोटेलिक जानवर का उदाहरण है।


2. यूरिकोटेलिक जानवर (Uricotelic Animals)-

  • ऐसे जानवर जो यूरीक अम्ब (Uric Acid) को उत्सर्जी पदार्थ के रूप में शरीर से बाहर निकालते हैं उन जानवरों को यूरिकोटेलिक कहते हैं। जैसे-
  • रेप्टाइल्स (Reptiles) या सरीसृप
  • एवीज (Aves) या पक्षी वर्ग
  • कीट (Insects)


3. अमोनोटेलिक जानवर (Ammonotelic Animals)-

  • ऐसे जानवर जो अमोनिया (Ammonia) को उत्सर्जी पदार्थ के रूप में शरीर से बाहर निकालते हैं उन जानवरों को अमोनोटेलिक कहते हैं। जैसे-

  • पिसीज (Pisces)

महत्वपूर्ण लिंक (Important Link)-

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