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भारत का उपराष्ट्रपति (Vice President of India)

भारत का उपराष्ट्रपति (Vice President of India)-

  • भारत के संविधान में उपराष्ट्रपति का पद अमेरिका के संविधान से लिया गया है।
  • अमेरिका का उपराष्ट्रपति सीनेट का पदेन सभापति होता है लेकिन अमेरिका के राष्ट्रपति का पद रिक्त होने पर उपराष्ट्रपति उसके शेष कार्यकाल को पूरा करता है। जबकि भारत में राष्ट्रपति का पद रिक्त होने की स्थिति में उपराष्ट्रपति नए राष्ट्रपति के चुनाव तक ही पद पर बना रहता है।


उपराष्ट्रपति से संबंधित अनुच्छेद- 

  • निम्नलिखित अनुच्छेदों का उल्लेख भारत के संविधान के भाग-5 में किया गया है।
  • अनुच्छेद 63
  • अनुच्छेद 64
  • अनुच्छेद 65
  • अनुच्छेद 66

  • अनुच्छेद 67

  • अनुच्छेद 68
  • अनुच्छेद 69
  • अनुच्छेद 70
  • अनुच्छेद 71


अनुच्छेद 63-

  • भारत के संविधान के अनुच्छेद 63 के अनुसार भारत का एक उपराष्ट्रपति होगा।


अनुच्छेद 64-

  • भारत के संविधान के अनुच्छेद 64 के अनुसार उपराष्ट्रपति राज्यसभा का पदेन सभापति होगा।


अनुच्छेद 65-

  • भारत के संविधान के अनुच्छेद 65 के अनुसार राष्ट्रपति की अनुपस्थिति में उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति के कर्तव्यों का निर्वहन करेगा।


अनुच्छेद 66-

  • भारत के संविधान के अनुच्छेद 66 में उपराष्ट्रपति की योग्यताएं, शर्तें एवं उपराष्ट्रपति के निर्वाचन का उल्लेख किया गया है।


उपराष्ट्रपति की योग्यताएं या शर्तें-

  • वह भारत का नागरिक हो।
  • वह 35 वर्ष की आयु पूरी कर चुका हो।
  • उसमें राज्यसभा का सदस्य चुने जाने जितनी योग्यता होना चाहिए।
  • वह किसी भी लाभ के पद पर न हो।


उपराष्ट्रपति का निर्वाचन मण्डल-

  • उपराष्ट्रपति के निर्वाचन में लोकसभा व राज्यसभा के सभी सदस्य (निर्वाचित व मनोनित) भाग लेते हैं।


उपराष्ट्रपति के पद के लिए निर्वाचन पद्धति-

  • उपराष्ट्रपति के पद के लिए आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के एकल संक्रमणीय मत द्वारा उपराष्ट्रपति को विजय के लिए 50%+1 मत की आवश्यकता होती है।
  • उपराष्ट्रपति के चुनाव में व्हिप (Whip) जारी नहीं किया जा सकता है।
  • उपराष्ट्रपति के चुनाव बैलेट पेपर से होते हैं।
  • उपराष्ट्रपति के चुनाव में गुप्त मतदान होते हैं।


अनुच्छेद 67-

  • भारत के संविधान के अनुच्छेद 67 में उपराष्ट्रपति के कार्यकाल एवं पद से हटाने की प्रक्रिया का उल्लेख किया गया है।
  • उपराष्ट्रपति का कार्यकाल शपथ ग्रहण से 5 वर्ष तक होता है।
  • उपराष्ट्रपति को पद से हटाने के कारण का उल्लेख संविधान में नहीं किया गया है।
  • उपराष्ट्रपति को हटाने का प्रस्ताव केवल राज्यसभा में पेश किया जा सकता है अर्थात् प्रस्ताव पहले राज्यसभा में पेश किया जाता है बाद में लोकसभा में भी पेश किया जा सकता है।
  • 14 दिन के नोटिस के बाद सदन प्रस्ताव पर चर्चा करता है।
  • प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान उपराष्ट्रपति पीठासीन अधिकारी नहीं हो सकता है।
  • प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान उपराष्ट्रपति सदन की कार्यवाही में भाग ले सकता है और अपना पक्ष भी रख सकता है। लेकिन मतदान नहीं कर सकता है क्योंकि उपराष्ट्रपति राज्यसभा का सदस्य नहीं है।
  • यह प्रस्ताव राज्यसभा में तत्कालीन सदस्यों के प्रभावी बहुमत से पारित होना चाहिए।
  • प्रस्ताव राज्यसभा में पारित होने के बाद लोकसभा में भेजा जाता है।
  • प्रस्ताव लोकसभा में साधारण बहुमत से अनुमोदित किया जाना चाहिए।


बहुमत के प्रकार-

  • 1. साधारण बहुमत- उपस्थित सदस्यों का बहुमत
  • 2. पूर्ण बहुमत- कुल सदस्यों का बहुमत
  • 3. प्रभावी बहुमत- तत्कालीन सदस्यों का बहुमत
  • 4. विशेष बहुमत- उपस्थित सदस्यों का ⅔ या कुल सदस्यों का ½
  • 5. कुल का ⅔ बहुमत (केवल राष्ट्रपति पर महाभियोग में उपयोग)


अनुच्छेद 68-

  • भारत के संविधान के अनुच्छेद 68 के अनुसार यदि उपराष्ट्रपति का पद (मृत्यु, त्यागपत्र, पद से हटाए जाने के कारण) रिक्त हो जाए तो यथाशीघ्र उपराष्ट्रपति का निर्वाचन किया जाना चाहिए।
  • उपराष्ट्रपति का पद रिक्त होने पर उपराष्ट्रपति के निर्वाचन में राष्ट्रपति की भाँति 6 माह की बाध्यता नहीं होती है।
  • उपराष्ट्रपति का कार्यकाल पूर्ण होने से पूर्व ही अगले उपराष्ट्रपति का चुनाव कर लिया जाना चाहिए।


अनुच्छेद 69-

  • भारत के संविधान के अनुच्छेद 69 में उपराष्ट्रपति की शपथ का उल्लेख किया गया है।

  • उपराष्ट्रपति को शपथ राष्ट्रपति के द्वारा दिलाई जाती है।


अनुच्छेद 70-

  • भारत के संविधान के अनुच्छेद 70 के अनुसार उपराष्ट्रपति अन्य आकस्मिक स्थितियों में राष्ट्रपति के कर्तव्यों का निर्वहन करेगा।
  • यदि राष्ट्रपति व उपराष्ट्रपति दोनों ही पद रिक्त हो तो ऐसी स्थिति में राष्ट्रपति के कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए संसद कोई प्रावधान करेगी।
  • सन् 1969 में संसद ने राष्ट्रपति व उपराष्ट्रपति दोनों ही पद रिक्त होने की स्थिति के लिए प्रावधान किया की ऐसी स्थित में सर्वोच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश राष्ट्रपति के कर्तव्यों का निर्वहन करेगा।
  • यदि सर्वोच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश का पद रिक्त होतो सर्वोच्च न्यायालय का वरिष्ठतम न्यायाधीश राष्ट्रपति के कर्तव्यों का निर्वहन करेगा।


अनुच्छेद 71-

  • भारत के संविधान के अनुच्छेद 71 के अनुसार राष्ट्रपति व उपराष्ट्रपति के चुनावों से संबंधित विवादों की सुनवाई केवल सर्वोच्च न्यायालय में ही की जा सकती है।


विशेष- 

  • सांसद व विधायक के चुनावों से संबंधित विवाद की सुनवाई उच्च न्यायालय में की जाती है। लेकिन इसका उल्लेख संविधान में नहीं किया गया है।


ऐसे उपराष्ट्रपति जो बाद में भारत के राष्ट्रपति बने थे-

  • (I) डॉ. राधाकृष्णन
  • (II) डॉ. जाकिर हुसैन
  • (III) वीवी गिरी
  • (IV) आर वेंकटरमन
  • (V) डॉ. शंकर दयाल शर्मा
  • (VI) के आर नारायण


ऐसे उपराष्ट्रपति जिनकी पद पर रहते हुए मृत्यु हुई-

  • (I) कृष्णकांत


वर्तमान में भारत का उपराष्ट्रपति-

  • जगदीप धनखड़


जगदीप धनखड़-

  • कार्यकाल- 11 अगस्त 2022 से प्रारम्भ
  • जन्म- 18 मई 1951
  • पत्नी- सुदेश धनखड़
  • भारत के 14वें उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ है।
  • उपराष्ट्रपति बनने से पहले जगदीप धनखड़ पश्चिम बंगाल के 21वें राज्यपाल के रूप में कार्यरत थे।

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