राजस्थान की कला एवं संस्कृति के महत्वपूर्ण प्रश्न ( 201-250 )

प्रश्न 201. टाबरा री बात के रचियता है- लक्ष्मी कुमारी चूँडावत
प्रश्न 202. रूठी रानी के रचियता है- केसरी सिंह बाहरठ
प्रश्न 203. राजस्थान शब्द कोष के रचियता है- सीताराम लालस
प्रश्न 204. कांहड़दे प्रबंध के रचियता है- कवि पद्मनाभ
प्रश्न 205. गंगा लहरी के रचियता है- पृथ्वीराज राठौड़

प्रश्न 206. वीर विनोद के रचियता है- कवि श्यामलदास

प्रश्न 207. वैराग्य सागर के रचियता है- नागरीदास
प्रश्न 208. हम्मीर महाकाव्य के रचियता है- नयनचन्द्र सूरी
प्रश्न 209. सेनाणी व चंवरी के रचियता है- मेघराज मुकुल
प्रश्न 210. कनक सुन्दर के रचियता है- शिवचन्द भरतिया

प्रश्न 211. हूँ गौरी किण पीव री के रचियता है- यादवेन्द्र शर्मा चन्द्र

प्रश्न 212. ढ़ोला मारू रा दुहा के रचियता है- कवि कल्लोल
प्रश्न 213. बाता री फुलवारी के रचियता है- विजयदान देया
प्रश्न 214. राजिया रा सोरटा के रचियता है-  कृपाराम
प्रश्न 215. मैकती काया मुलकती धरती के रचियता हैअन्नाराम सुदामा

प्रश्न216. पगफैरो सुधि सपनो के तीर के रचियता है- मणि मधुकर

प्रश्न 217. एक बीनणी दो बींद के रचियता है- श्री लाल नथमल जोशी
प्रश्न 218. प्रबंध चिन्तामणी के रचियता है- मेरूतुंग
प्रश्न 219. सुर्जन चरित्र के रचियता है- कवि चन्द्रशेखर
प्रश्न 220. राजस्थानी चित्रकला का सबसे पहले वैज्ञानिक विभाजन किया गया- सन् 1916 मे आनन्द कुमार स्वामी ने अपनी पुस्तक राजपूताना पैंटिग मे किया

प्रश्न 221. जमनादास, छोटेलाल, बक्साराम व नंदलाल चित्रकला की किस शेली से संबंध रखते है- अलवर शैली

प्रश्न 222. रामा, नाथा, छज्जू और सेफू चित्रकला की किस शेली से संबंध रखते है- जोधपुर शैली
प्रश्न 223. राई के दाने पर मीरा का चित्रांकन किसके द्वारा किया गया- किशन शर्मा, बेगू
प्रश्न 224. मूर्त और अमूर्त का चितेरा है- सुनीत घिल्डियाल
प्रश्न 225. जैन चित्रशैली का चितेरा है- कैलाश चन्द्र शर्मा

प्रश्न 226. कैनवास की चितेरी है- श्रीमती प्रतिभा पाण्डे, धौलपुर

प्रश्न 227. कैनवास के चित्रकार है- कैलाश जागोटिया, भीलवाड़ा
प्रश्न 228. बणी-ठणी पेंटिग प्रसिद्ध है यह किस राजा के समय की है- किशनगढ़ ( अजमेर ) के राजा सावत सिंह ( नागरीदास ) के समय
प्रश्न 229. बणी-ठणी चित्रशैली या चित्र किसने बनाया- निहालचन्द
प्रश्न 230. बणी-ठणी पेंटिग को किसने भारत की मोनोलिसा कहा था- एरिक डिक्शन

प्रश्न 231. पिछवाई चित्रकला शैली है- नाथद्वारा ( राजसमंद )

विशेष- पिछवाईयो का चित्रण का मुख्य विषय श्रीकृष्णा लीला से है
प्रश्न 232. मधेरणा कला है- जैन पेंटिग, बीकानेर से संबंधित
प्रश्न 233. पशु-पक्षियो के महत्व वाली शैली है- बंदी शैली
प्रश्न 234. बर्ड राइडर राँक पेंटिग है- छाजा नदी के किनारे, गरदड़ा ( बुंदी )
प्रश्न 235. बुंदी मे चित्रशाला थी- महारावल उम्मेद सिंह के समय

प्रश्न 236. मुगल शैली का सर्वाधिक प्रभाव किस शैली पर पड़ा- जयपुर शैली

प्रश्न 237. साहिबराम चित्रकार था- जयपुर के महाराजा ईश्वरी सिंह के समय हुआ जो आदमकद चित्र बनाता था
प्रश्न 238. बादल है- जौधपुर मे जस्ता द्वारा निर्मित ठण्डे पानी की बोतल
प्रश्न 239. मलीर प्रिंट प्रसिद्ध है- बाडमेर
प्रश्न 240. पेचवर्क प्रसिद्ध है- शेखावाटी प्रदेश ( सीकर, चुरू,झुन्झुनू )

प्रश्न 241. गोटा किनारी प्रसिद्ध है- खण्डेला ( सीकर )

प्रश्न 242. उस्ता कला है- ऊँट की खाल पर सोने की मीनाकारी व हिसामुद्दीन उस्ता इसके कलाकार है
प्रश्न 243. थेवा कला है- काँच पर सोने की मीनाकारी व नथमल सोनी इसके प्रसिद्ध कलाकार है
प्रश्न 244. काष्ठ कला के लिए प्रसिद्ध गाँव है- बरसी गाँव ( चितौड़गढ़ )
प्रश्न 245. कोफ्तगिरी है- फौलाद की बनी वस्तुओ पर महीन तारो की जड़ाई ( जयपुर, अलवर )

प्रश्न 246. तस्वीरा रो कारखानो प्रसिद्ध है- जयपुर मे जगतसिंह के समय स्थापित कला विधालय

प्रश्न 247. मेवाड़ चित्रशैली का स्वर्ण युग था- अमरसिंह प्रथम का शासन काल ( 1597-1620 )
विशेष- इस समय चावण्ड शैली के प्रसिद्ध चितेरे नासीरुद्दीन ( नासरदी ) ने रागमाला चित्र बनाया था
प्रश्न 248. शिकार शैली प्रसिद्ध है- कोटा
प्रश्न 249. कुप्पी ( ऊँट कि खाल से बना जल पात्र ) प्रसिद्ध है- बीकानेर
प्रश्न 250. मेवाड़ मे रागमाला, रसिक प्रिया, गीत गोविन्द जैसे विषयो पर लघुचित्र शैली किस शासक के काल मे चरम उत्कर्ष पर थी- महाराणा जगतसिंह

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