राजस्थान के संभाग

👉 राजस्थान के संभाग-
✍जिला स्तर पर सबसे बड़ा प्रशासनिक अधिकारी जिला कलेक्टर होता है।
✍संभाग स्तर पर सबसे बड़ा प्रशासनिक अधिकारी संभागीय आयुक्त होता है।

👉 संभाग-
✍जिलों के समूह को संभाग कहा जाता है।

👉 विकेन्द्रीकरण-
✍जिम्मेदारियों का विभाजन विकेन्द्रीकरण कहलाता है।
✍संभाग बनाने का सबसे बड़ा मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक कार्यो का विकेन्द्रीकरण करना होता है।

👉 धारा 144-
✍धारा 144 के अनुसार जिले में शांति बनाने का कार्य जिला कलेक्टर करता है।

👉 1 नवम्बर, 1956-
✍राजस्थान में संभाग बनाने की सुरुआत सन् 1949 में सुरु हुई थी तथा 1 नवम्बर, 1956 तक राजस्थान में कुल 5 संभाग बनाये गये थे। जैसे-
1. बीकानेर संभाग
2. जयपुर संभाग
3. जोधपुर संभाग
4. कोटा संभाग
5. उदयपुर संभाग

👉 सन् 1962-
✍राजस्थान में मुख्यमंत्री मोहनलाल सुखाड़िया के द्वारा अप्रेल 1962 में पहली बार संभाग बनाने की परम्परा को बंद कर दिया गया था।

👉 मोहनलाल सुखाड़िया-
✍राजस्थान में सबसे लम्बा कार्यकाल वाला मुख्यमंत्री मोहनलाल सुखाड़िया थे।
✍मोहनलाल सुखाड़िया को आधुनिक राजस्थान का निर्माता कहा जाता है।

👉 26 जनवरी, 1987-
✍अप्रेल 1962 बंद की गई संभागीय व्यवस्था को 26 जनवरी, 1987 में मुख्यमंत्री हरिदेव जोशी के द्वारा फिर से सुरु किया गया।

👉 राजस्थान के संभाग-
✍वर्तमान में राजस्थान में कुल 7 संभाग है। जैसे-
1. जयपुर संभाग-
✍कुल जिले- 5 (जयपुर, झुन्झुनू, सीकर, अलवर, दौसा)
✍कुल क्षेत्रफल- 36,615 वर्ग किमी
✍विशेषता-
✍जयपुर- यह क्षेत्रफल में जयपुर संभाग का सबसे बड़ा जिला है।
✍दौसा- यह क्षेत्रफल में जयपुर संभाग का सबसे छोटा जिला है।
✍जयपुर संभाग राजस्थान का एकमात्र ऐसा संभाग जिसमें 5 जिले है।
✍यह राजस्थान का सर्वाधिक जनसंख्या वाला संभाग है।

2. बीकानेर संभाग-
✍कुल जिले- 4 (बीकानेर, चूरू, हनुमानगढ़, श्री गंगानगर)
✍कुल क्षेत्रफल- 64,708 वर्ग किमी
✍स्थिती- सबसे उत्तरी संभाग
✍विशेषता-
बीकानेर- यह क्षेत्रफल में बीकानेर संभाग का सबसे बड़ा जिला है।
हनुमानगढ़- यह क्षेत्रफल में बीकानेर संभाग का सबसे छोटा जिला है।
✍यह राजस्थान में सबसे कम नदियों वाला संभाग है।

3. उदयपुर संभाग-
✍कुल जिले- 6 (उदयपुर, चित्तोड़गढ़, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, राजसमंद)
✍कुल क्षेत्रफल- 36,942 वर्ग किमी
✍विशेषता-
उदयपुर- यह क्षेत्रफल में उदयपुर संभाग का सबसे बड़ा जिला है।
डूंगरपुर- यह क्षेत्रफल में उदयपुर संभाग का सबसे छोटा जिला है।

4. कोटा संभाग-
✍कुल जिले- 4 (कोटा, बारा, बूंदी, झालावाड़)
✍कुल क्षेत्रफल- 24,204 वर्ग किमी
✍विशेषता-
कोटा- यह क्षेत्रफल में कोटा संभाग का सबसे बड़ा जिला है।
✍बूंदी- यह क्षेत्रफल में कोटा संभाग का सबसे छोटा जिला है।
✍कोटा संभाग को हाड़ौती संभाग भी कहते है।
✍यह राजस्थान का सर्वाधिक नदियों तथा सर्वाधिक वर्षा वाला संभाग है।

5. जोधपुर संभाग-
✍कुल जिले- 6 (जोधपुर, जैसलमेर, जालोर, बाड़मेर, पाली, सिरोही)
✍कुल क्षेत्रफल- 1,17,801 वर्ग किमी
✍स्थिती- सबसे पश्चिमी संभाग
✍विशेषता-
जैसलमेर- यह क्षेत्रफल में जोधपुर संभाग का सबसे बड़ा जिला है।
सिरोही- यह क्षेत्रफल में बीकानेर संभाग का सबसे छोटा जिला है।
✍यह क्षेत्रफल में राजस्थान का सबसे बड़ा संभाग है।
✍यह राजस्थान में सबसे कम वर्षा वाला संभाग है।

6. अजमेर संभाग-
✍स्थापना- 1987
✍कुल जिले- 4 (अजमेर, नागौर, टोंक, भीलवाड़ा)
✍कुल क्षेत्रफल- 43,848 वर्ग किमी
✍स्थिती- केन्द्रिय संभाग
✍मुख्यमंत्री- हरिदेव जोशी
✍विशेषता-
नागौर- यह क्षेत्रफल में अजमेर संभाग का सबसे बड़ा जिला है।
टोंक- यह क्षेत्रफल में अजमेर संभाग का सबसे छोटा जिला है।

7. भरतपुर संभाग-
✍स्थापना- 4 जून, 2004
✍कुल जिले- 4 (भरतपुर, धौलपुर, सवाई माधोपुर, करौली)
✍कुल क्षेत्रफल- 18,186 वर्ग किमी
✍स्थिती- सबसे पूर्वी संभाग
✍मुख्यमंत्री- वसुंधरा राजे
✍विशेषता-
करौली- यह क्षेत्रफल में भरतपुर संभाग का सबसे बड़ा जिला है।
✍धौलपुर- यह क्षेत्रफल में भरतपुर संभाग का सबसे छोटा जिला है।
✍यह राजस्थान का सबसे नवीनतम संभाग है।
✍यह संभाग जयपुर तथा कोटा संभाग को काटकर बनाया गया था।
✍भरतपुर, धौलपुर- ये जिले पहले जयपुर संभाग में आते थे।
✍करौली, सवाई माधोपुर- ये जिले पहले कोटा संभाग में आते थे।

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