पृथ्वी की आंतरिक संरचना - (Internal Structure of The Earth)

👉 पृथ्वी की आंतरिक संरचना - (Internal Structure of The Earth)

👉 एडवर्ड स्वेज-
✍ एडवर्ड स्वेज जर्मनी के प्रसिद्ध वैज्ञानिक थे।
✍ एडवर्ड स्वेज ने पृथ्वी को आंतरिक दृष्टि से तीन भागों में बाटा है जैसे-

1. भू-पर्पटी (भूपर्पटी)
2. मैंटल
3. क्रोड/ कोर

1. भूपर्पटी (Crust)-
✍ भूपर्पटी को पटल भी कहते है।
✍ भूपर्पटी पृथ्वी की सबसे उपरी, सबसे बाहरी तथा सबसे पतली परत होती है।
✍ भूपर्पटी की औसत गहराई 35 किलोमीटर होती है।
✍ भूपर्पटी के प्रति 32 मीटर की गहराई में जाने पर तापमान में 1 बढ़ोतरी होती है।
✍ भूपर्पटी पर ही आग्नेय चट्टाने पायी जाती है।
✍ आग्नेय चट्टानों से ही हमें सोना, चांदी, ताम्बा, हीरा, ग्रेनाइट आदि प्राप्त होते है।

👉 सियाल (SiAl)-
✍ भूपर्पटी को सियाल भी कहते है क्योकी भूपर्पटी में सर्वाधिक मात्रा में सिलिका (Si) तथा एल्युमिनियम (Al) धातु पायी जाती है।

2. मैंटल (Mantle)/ प्रावार-
✍ इस परत की औसत गहराई 2900 किलोमीटर तक होती है जो की सर्वाधिक महासागरों में पायी जाती है।
✍ मैंटल परत में सर्वाधिक मात्रा में बेसाल्ट चट्टाने पायी जाती है। इसीलिए मैंटल परत को White House of The Earth भी कहते है।

👉 सिमा (SiMa)-
✍ मैंटल परत को सिमा ((SiMa)) भी कहते है क्योकी इस परत में सर्वाधिक मात्रा में सिलिका (Si) तथा मैग्नीशियम (Ma) पाया जाता है।

3. कोर/ क्रोड (Core)-
✍ क्रोड पृथ्वी की सबसे निचली, सबसे गहरी परत होती है।
✍ क्रोड परत की औसत गहराई 6371 किलोमीटर होती है।
✍ पृथ्वी की क्रोड परत में ही सर्वाधिक चुम्बकिय क्षेत्र पाया जाता है।

👉 नीफे (Nife)-
✍ पृथ्वी की क्रोड परत को नीफे भी कहते है क्योकी क्रोड परत में सर्वाधिक मात्रा में निकिल (Ni) तथा फरस (fe)/ लोहा पाया जाता है।

👉 भूकंप की S तरंगें-
✍ भूकंप की S तरंगें क्रोड परत को तरल होने के कारण पार नहीं कर पाती है।

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