राजस्थान के प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान एवं अभयारण्य

राजस्थान के प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान एवं वन्य जीव अभयारण्य-
➧राजस्थान में सर्वाधिक अभयारण्य उदयपुर जिले में स्थित है।

समवर्ती सूची-
➧वर्तमान में वन तथा वन्य जीव विषय संविधान की समवर्ती सूची में शामिल है।
➧वन एवं वन्य जीव विषय सन् 1976 के 42वें संविधान संसोधन के द्वारा राज्य सूची से हटाकर समवर्ती सूची में जोड़ दिया गया था।

टोंक रियासत-
➧राजस्थान में शिकार पर सर्वप्रथम प्रतिबंध लगाने वाली रियासत टोंक रियासत ही थी।

शिकारियों का स्वर्ग-
➧स्वतंत्रता से पहले राजस्थान को सिकारियों का स्वर्ग कहते थे।

असम या असोम-
➧भारत में वन्य जीव सम्पदा में प्रथम स्थान असम राज्य का है।
➧भारत में वन्य जीव सम्पदा में असम के बाद दूसरा स्थान राजस्थान का है।

वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972-
➧वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1 अप्रैल 1973 से लागू हुआ था।
➧वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के द्वारा भारत का राष्ट्रीय पशु बाघ को घोषित किया गया था।
➧वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के द्वारा भारत का राष्ट्रीय पक्षी मोर को घोषित किया गया था।

भारत-
➧भारत में सर्वाधिक राष्ट्रीय उद्यानों वाला राज्य मध्य प्रदेश है।
➧भारत में सर्वाधिक अभयारण्यों वाला राज्य महाराष्ट्र है।

राजस्थान में राष्ट्रीय उद्यान-
➧वर्तमान में (वर्ष 2019 तक) राजस्थान में कुल तीन राष्ट्रीय उद्यान है। जैसे-

  • 1. रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान (सवाई माधोपुर, राजस्थान)
  • 2. केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (भरतपुर, राजस्थान)
  • 3. मुकुंदरा हिल्स राष्ट्रीय उद्यान या दर्राह राष्ट्रीय उद्यान या राजीव गांधी राष्ट्रीय उद्यान (कोटा, राजस्थान)
1. रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान (सवाई माधोपुर, राजस्थान)-
➧रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में स्थित है।
➧रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान राजस्थान का पहला राष्ट्रीय उद्यान माना जाता है।
➧रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना सन् 1980 में की गई थी।
➧रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्रफल की दृष्टि से राजस्थान का सबसे बड़ राष्ट्रीय उद्यान है।
➧रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान का कुल क्षेत्रफल 392 वर्ग किलोमीटर है।

रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान में बहने वाली नदियां-
➧राजस्थान के रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान में से होकर चम्बल नदी तथा बनास नदी बहती है।

रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान के उपनाम या अन्य नाम-
  • 1. शेरों की भूमि
  • 2. बाघों का घर
1. शेरों की भूमि-
➧राजस्थान के रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान को शेरों की भूमि भी कहते है।

2. बाघों का घर-
➧राजस्थान के रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान को बाघों का घर भी कहते है।

त्रिनेत्र गणेश जी का मंदिर (रणथम्भौर, सवाई माधोपुर, राजस्थान)-
➧त्रिनेत्र गणेश जी का मंदिर राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान में स्थित है।
➧राजस्थान के त्रिनेत्र गणेश जी के मंदिर में प्रतिवर्ष भाद्रपद कृष्ण चतुर्थी के दिन गणेश जी का मेला भरता है।
➧राजस्थान के त्रिनेत्र गणेश जी के मंदिर में भरने वाला मेला राजस्थान का सबसे बड़ा गणेश जी का मेला माना जाता है।

जोगी महल (सवाई माधोपुर, राजस्थान)-
➧जोगी महल राजस्थान के रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान में पदम तालाब के पास स्थित है।
➧जोगी महल का निर्माण सवाई माधोसिंह (जयपुर) के द्वारा करवाया गया था।

2. केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (भरतपुर, राजस्थान)-
➧केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान राजस्थान के भरतपुर जिले में स्थित है।
➧केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना महाराजा किशन सिंह ने करवायी थी।
➧केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान का नाम केवलादेव इसीलिए पड़ा था क्योकी केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में भगवान केवलादेव (शिवजी) का मंदिर स्थित है।

केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान का उपनाम या अन्य नाम-
  • 1. पक्षियों का स्वर्ग
  • 2. घना पक्षी अभयारण्य
1. पक्षियों का स्वर्ग-
➧राजस्थान के भरतपुर जिले में स्थित केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान को पक्षियों का स्वर्ग भी कहते है।

2. घना पक्षी अभयारण्य-
➧राजस्थान के भरतपुर जिले में स्थित केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान को घना पक्षी अभयारण्य भी कहते है।

युनेस्को-
➧युनेस्को का मुख्यालय पैरिस (फ्रांस) में स्थित है।
➧युनेस्को ने सन् 1985 में राजस्थान के केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान को अपनी विश्व धरोहर सूची में शामिल कर लिया था।
➧राजस्थान का केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान युनेस्को की विश्व धरोहर सूची में सन् 1985 में शामिल हुआ था।

केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान की प्रमुख घास-
  • 1. मोथा घास
  • 2. ऐंचा घास
1. मोथा घास-
➧मोथा घास राजस्थान के केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में सर्वाधिक पायी जाती है।
➧मोथा घास राजस्थान की सबसे खतरनाक (सबसे घातक) घास है।
➧मोथा घास में पक्षी उलझ कर अपना दम तोड़ देते है। इसीलिए मोथा घास को सबसे खतरनाक माना जाता है।

2. ऐंचा घास-
➧ऐंचा घास राजस्थान के केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में सर्वाधिक पायी जाती है।
➧ऐंचा घास को भी राजस्थान की सबसे खतरनाक (सबसे घातक) घास माना जाता है।
➧ऐंचा घास में भी पक्षी उलझ कर अपना दम तोड़ देते है। इसीलिए ऐंचा घास को भी सबसे खतरनाक माना जाता है।

केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान की प्रमुख नदियां-
  • 1. बाणगंगा नदी
  • 2. गंभीरी नदी
1. बाणगंगा नदी-
➧बाणगंगा नदी राजस्थान के केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में से होकर बहती है।

2. गंभीरी नदी-
➧गंभीरी नदी राजस्थान के केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में से होकर बहती है।

केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान के प्रमुख पक्षी-
  • 1. साइबेरियन क्रेन पक्षी (साइबेरियन सारस पक्षी)
1. साइबेरियन क्रेन पक्षी (साइबेरियन सारस पक्षी)-
➧साइबेरियन क्रेन पक्षी को ही साइबेरियन सारस पक्षी कहते है।
➧साइबेरियन क्रेन पक्षी प्रवासी पक्षी है।
➧साइबेरियन क्रेन पक्षी रूस के साइबेरिया चलकर राजस्थान के केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में आता है।
➧साइबेरियन क्रेन पक्षी राजस्थान में सर्वाधिक केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में पाया जाता है।

डाॅ. सालिम अली (डाॅ. सलीम अली)-
➧डाॅ. सालिम अली भारत के सुप्रसिद्ध पक्षी वैज्ञानिक है।
➧डाॅ. सालिम अली की स्मृति में राजस्थान के केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में पक्षी जन चेतना केन्द्र स्थापित किया गया है।

3. मुकुंदरा हिल्स राष्ट्रीय उद्यान (कोटा, राजस्थान)-
➧मुकुंदरा हिल्स राष्ट्रीय उद्यान राजस्थान के कोटा जिले में स्थित है।
➧मुकुंदरा हिल्स राष्ट्रीय उद्यान राजस्थान का नवीनतम राष्ट्रीय उद्यान है।
➧मुकुंदरा हिल्स राष्ट्रीय उद्यान राजस्थान का तीसरा राष्ट्रीय उद्यान है।
➧मुकुंदरा हिल्स राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना वर्ष 2012 में की गई थी।

मुकुंदरा हिल्स राष्ट्रीय उद्यान के उपनाम या अन्य नाम-
  • 1. दर्राह राष्ट्रीय उद्यान
  • 2. राजीव गांधी राष्ट्रीय उद्यान
1. दर्राह राष्ट्रीय उद्यान-
➧राजस्थान के मुकुंदरा हिल्स राष्ट्रीय उद्यान को दर्राह राष्ट्रीय उद्यान के नाम से भी जाना जाता है।

2. राजीव गांधी राष्ट्रीय उद्यान-
➧राजस्थान के मुकुंदरा हिल्स राष्ट्रीय उद्यान को राजीव गांधी राष्ट्रीय उद्यान के नाम से भी जाना जाता है।

हिरनामेन तोता (टुईया तोता)-
➧हिरनामेन तोता या टुईया तोता राजस्थान के मुकुंदरा हिल्स राष्ट्रीय उद्यान में सर्वाधिक पाया जाता है।

घड़ियाल-
➧घड़ियाल राजस्थान के मुकुंदरा हिल्स राष्ट्रीय उद्यान में सर्वाधिक पाया जाता है।

मुकुंदरा हिल्स राष्ट्रीय उद्यान की प्रमुख नदियां-
  • 1. चम्बल नदी
  • 2. कालीसिंध नदी
  • 3. आहु नदी
1. चम्बल नदी-
➧चम्बल नदी राजस्थान के मुकुंदरा हिल्स राष्ट्रीय उद्यान में से होकर बहती है।

2. कालीसिंध नदी-
➧कालीसिंध नदी राजस्थान के मुकुंदरा हिल्स राष्ट्रीय उद्यान में से होकर बहती है।

3. आहु नदी-
➧आहु नदी राजस्थान के मुकुंदरा हिल्स राष्ट्रीय उद्यान में से होकर बहती है।

अबली मीणी का महल-
➧अबली मीणी राव मुकुंद सिंह की रानी थी।
➧अबली मीणी का महल राजस्थान के मुकुंदरा हिल्स राष्ट्रीय में स्थित है।
➧अबली मीणी के महल को राजस्थान का दूसरा ताजमहल भी कहते है।

राजस्थान में वन्य जीव अभयारण्य-
➧वर्तमान में (वर्ष 2019 तक)  राजस्थान में कुल 26 वन्य जीव अभयारण्य है।
➧राजस्थान में 26वां तथा नवीनतम वन्य जीव अभयारण्य सरिसका अभयारण्य है।
➧सरिसका अभयारण्य राजस्थान के अलवर जिले में स्थित है।

राजस्थान में बाघ परियोजना-
➧वर्तमान में (वर्ष 2019 तक) राजस्थान में कुल 3 बाघ परियोजनाएं है। जैसे-
  • 1. रणथम्भौर बाघ परियोजना (सवाई माधोपुर, राजस्थान)
  • 2. सरिसका बाघ परियोजना (अलवर, राजस्थान)
  • 3. मुकुंदरा बाघ परियोजना (कोटा, राजस्थान)
राजस्थान में रामसर स्थल-
➧रामसर स्थल- वे प्राकृतिक जैव विविधता वाले आद्र भूमि स्थल जिन्हें सन् 1971 के रामसर समेलन (इरान) में आद्र भूमि का दर्जा दिय गया था।
➧वर्तमान में (वर्ष 2019 तक) राजस्थान में कुल 2 रामसर स्थल है। जैसे-
  • 1. सांभर झील रामसर स्थल
  • 2. घना पक्षी अभयारण्य रामसर स्थल
राजस्थान में आखेट निषिद्ध क्षेत्र-
➧वर्तमान में (वर्ष 2019 तक) राजस्थान में कुल 33 आखेट निषिद्ध क्षेत्र है।
➧राजस्थान के प्रमुख आखेट निषिद्ध क्षेत्र-
  • 1. कोटसर संवत्सर आखेट निषिद्ध क्षेत्र (चूरू, राजस्थान)
  • 2. कनक सागर आखेट निषिद्ध क्षेत्र (बूंदी, राजस्थान)
1. कोटसर संवत्सर आखेट निषिद्ध क्षेत्र (चूरू, राजस्थान)-
➧कोटसर संवत्सर आखेट निषिद्ध क्षेत्र राजस्थान का सबसे बड़ा आखेट निषिद्ध क्षेत्र है।
➧कोटसर संवत्सर आखेट निषिद्ध क्षेत्र राजस्थान के चूरू जिले में स्थित है।

2. कनक सागर आखेट निषिद्ध क्षेत्र (बूंदी, राजस्थान)-
➧कनक सागर आखेट निषिद्ध क्षेत्र राजस्थान का सबसे छोटा आखेट निषिद्ध क्षेत्र है।
➧कनक सागर आखेट निषिद्ध क्षेत्र राजस्थान के बूंदी जिले में स्थित है।

जोधपुर (राजस्थान)-
➧राजस्थान में सर्वाधिक आखेट निषिद्ध क्षेत्र जोधपुर जिले में स्थित है।

➧राजस्थान के जोधपुर जिले में कुल 9 आखेट निषिद्ध क्षेत्र स्थित है।

राजस्थान में मृगवन-
➧वर्तमान में (वर्ष 2019 तक) राजस्थान में कुल 7 मृगवन है। जैसे-
  • 1. अशोक विहार मृगवन (जयपुर, राजस्थान)
  • 2. माचिया सफारी मृगवन (जोधपुर, राजस्थान)
  • 3. चित्तौड़गढ़ मृगवन (चित्तौड़गढ़, राजस्थान)
  • 4. पंचकुंड मृगवन (पुष्कर, अजमेर, राजस्थान)
  • 5. सज्जनगढ़ मृगवन (उदयपुर, राजस्थान)
  • 6. संजय उद्यान मृगवन (जयपुर, राजस्थान)
  • 7. अमृता देवी मृगवन (जोधपुर, राजस्थान)
1. अशोक विहार मृगवन (जयपुर, राजस्थान)-
➧अशोक विहार मृगवन राजस्थान के जयपुर जिले में स्थित है।

2. माचिया सफारी मृगवन (जोधपुर, राजस्थान)-
➧माचिया सफारी मृगवन राजस्थान के जोधपुर जिले में स्थित है।

3. चित्तौड़गढ़ मृगवन (चित्तौड़गढ़, राजस्थान)-
➧चित्तौड़गढ़ मृगवन राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित है।

4. पंचकुंड मृगवन (पुष्कर, अजमेर, राजस्थान)-
➧पंचकुंड मृगवन राजस्थान के अजमेर जिले की पुष्कर नामक जगह पर स्थित है।

5. सज्जनगढ़ मृगवन (उदयपुर, राजस्थान)-
➧सज्जनगढ़ मृगवन राजस्थान के उदयपुर जिले में स्थित है।

6. संजय उद्यान मृगवन (जयपुर, राजस्थान)-
➧संजय उद्यान मृगवन राजस्थान के जयपुर जिले में स्थित है।

7. अमृता देवी मृगवन (जोधपुर, राजस्थान)-
➧अमृता देवी मृगवन राजस्थान के जोधपुर जिले में स्थित है।

राजस्थान में जंतुआलय-
➧वर्तमान में (वर्ष 2019 तक) राजस्थान में कुल 5 जंतुआलय है। जैसे-
  • 1. जयपुर जंतुआलय (जयपुर, राजस्थान)
  • 2. उदयपुर जंतुआलय (उदयपुर, राजस्थान)
  • 3. बीकानेर जंतुआलय (बीकानेर, राजस्थान)
  • 4. जोधपुर जंतुआलय (जोधपुर, राजस्थान)
  • 5. कोटा जंतुआलय (कोट, राजस्थान)
1. जयपुर जंतुआलय (जयपुर, राजस्थान)-
➧जयपुर जंतुआलय राजस्थान राज्य के जयपुर जिले में स्थित है।
➧जयपुर जंतुआलय राजस्थान का सबसे प्राचीन जंतुआलय है।
➧जयपुर जंतुआलय की स्थापना सन् 1876 में की गई थी।
➧जयपुर जंतुआलय की स्थापना रामसिंह के द्वारा करवायी गई थी।

2. उदयपुर जंतुआलय (उदयपुर, राजस्थान)-
➧उदयपुर जंतुआलय राजस्थान राज्य के उदयपुर जिले में स्थित है।

3. बीकानेर जंतुआलय (बीकानेर, राजस्थान)-
➧बीकानेर जंतुआलय राजस्थान राज्य के बीकानेर जिले में स्थित है।
➧बीकानेर जंतुआलय वर्तमान में बंद है।

4. जोधपुर जंतुआलय (जोधपुर, राजस्थान)-
➧जोधपुर जंतुआलय राजस्थान राज्य के जोधपुर जिले में स्थित है।
➧जोधपुर जंतुआलय गोडावण पक्षी के लिए प्रसिद्ध है।

5. कोटा जंतुआलय (कोटा, राजस्थान)-
➧कोटा जंतुआलय राजस्थान राज्य के कोटा जिले में स्थित है।

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