सांभर झील (जयपुर, राजस्थान)

सांभर झील (जयपुर, राजस्थान)-
➧सांभर झील जयपुर-जोधपुर नेशनल हाईवे 65 पर स्थित है।
➧सांभर झील खारे पानी की झील है।
➧सांभर झील राजस्थान की सबसे बड़ी खारे पानी की झील है।

सांभर झील की लम्बाई-
➧सांभर झील की कुल लम्बाई 32 किलोमीटर है।

सांभर झील की चौड़ाई-
➧सांभर झील की कुल चौड़ाई 12 से 15 किलोमीटर तक है।

सांभर झील का क्षेत्रफल-
➧सांभर झील का कुल क्षेत्रफल 5702 वर्ग किलोमीटर है।

भारत में खारे पानी की सबसे बड़ी झीलें-
1. चिल्का झील
2. सांभर झील

1. चिल्का झील (ओडिशा)-
➧चिल्का झील भारत की सबसे बड़ी खारे पानी की झील मानी जाती है।
➧चिल्की झील भारत के ओडिशा राज्य में स्थित है।

2. सांभर झील (जयपुर, राजस्थान)-
➧सांभर झील भारत की दूसरी सबसे बड़ी खारे पानी की झील है।

सांभर झील में नमक उत्पादन-
➧सांभर झील में प्रतिदिन 50 टन नमक का उत्पादन होता है।
➧सांभर झील में भारत के कुल नमक उत्पादन का 8.7 प्रतिशत नमक उत्पादन होता है।
➧सांभर झील में राजस्थान के कुल नमक उत्पादन का 92 प्रतिशत नमक उत्पादन होता है।

हिंदुस्तान सांभर साल्ट लिमिटेड-
➧हिंदुस्तान सांभर साल्ट लिमिटेड नामक कारखाने की स्थापना सन् 1964 में की गई थी।
➧हिंदुस्तान सांभर साल्ट लिमिटेड नामक कारखाना (उपक्रम) पूर्णतः केन्द्र सरकार या भारत सरकार का कारखाना (उपक्रम) है।

सांभर झील में जल आपूर्ति करने वाली नदियां-
➧सांभर झील में कुल 5 नदियों का पानी आता है। जैसे-
1. मेढ़ा नदी
2. मंथा नदी
3. खारी नदी
4. खंडेला नदी
5. रूपनगढ़ नदी

सांभर झील का विस्तार-
➧सांभर झील का विस्तार राजस्थान राज्य के तीन जिलों में पड़ता है। जैसे-
1. जयपुर
2. अजमेर
3. नागौर
➧सांभर झील का सर्वाधिक विस्तार राजस्थान के जयपुर जिले में पड़ता है।

बिजोलिया शिलालेख-
➧बिजोलिया शिलालेख राजस्थान राज्य के भीलवाड़ा जिले में मिला है।
➧बिजोलिया शिलालेख के अनुसार सांभर झील का निर्माण 551 ई. में करवाया गया था।
➧बिजोलिया शिलालेख के अनुसार सांभर झील का निर्माण वासुदेव चौहान ने करवाया था।
➧वासुदेव को चौहान वंश का संस्थापक माना जाता है।

रामसर साइट-
➧सांभर झील के पास रामसर साइट के नाम से पर्यटन स्थल स्थित है।
➧रामसर साइट नामक पर्यटन स्थल की स्थापना अंग्रेजों के द्वारा की गई थी

राजहंस पक्षी-
➧राजहंस पक्षी को फ्लेमिंगोंज पक्षी के नाम से भी जाना जाता है।
➧राजहंस पक्षी सांभर झील के पास सर्वाधिक पाया जाता है।

देवयानी तीर्थ स्थल-
➧देवयानी तीर्थ स्थल देवयानी माता का तीर्थ स्थल है।
➧देवयानी तीर्थ स्थल पर प्रतिवर्ष वैशाख पूर्णिमा के दिन मेला लगता है।
➧देवयानी तीर्थ स्थल को तीर्थ स्थलों की नानी कहते है।

No comments:

Post a comment

पोस्ट पढ़ने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद, यदि आपको ये पोस्ट अच्छी लगी तो अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करें और अपना कीमती सुझाव देने के लिए यहां कमेंट करें, पोस्ट से संबंधित आपका किसी भी प्रकार का सवाल जवाब हो तो कमेंट में पूछ सकते है।