घग्घर नदी

घग्घर नदी का उद्गम स्थल-
➧घग्घर नदी का उद्गम हिमाचल प्रदेश की कालका नामक जगह शिमला के पास शिवालिक की पहाड़ियों से होता है। अर्थात् घग्घर नदी हिमाचल प्रदेश की कालक नामक जगह पर स्थित शिवालिक की पहाड़ियों से निकलती है।

घग्घर नदी के उपनाम या घग्घर नदी के अन्य नाम-
1. मृत नदी
2. दृषद्वती नदी (द्वेषवती नदी)
3. नट नदी
4. सोतर नदी
5. हकरा नदी
6. राजस्थान का शोक
7. सरस्वती नदी

1. मृत नदी-
➧घग्घर नदी को मृत नदी के नाम से भी जाना जाता है।

2. दृषद्वती नदी (द्वेषवती नदी)-
➧घग्घर नदी को दृषद्वती नदी (द्वेषवती नदी) के नाम से भी जाना जाता है।

3. नट नदी-
➧घग्घर नदी को नट नदी के नाम से भी जाना जाता है।

4. सोतर नदी-
➧घग्घर नदी को सोतर नदी के नाम से भी जाना जाता है।

5. हकरा नदी-
➧घग्घर नदी को पाकिस्तान में हकरा नदी के नाम से भी जाना जाता है।

6. राजस्थान का शोक-
➧घग्घर नदी का राजस्थान का शोक भी कहते है।

7. सरस्वती नदी-
➧घग्घर नदी को सरस्वती नदी के नाम से भी जाना जाता है।

घग्घर नदी का बहाव क्षेत्र-
➧घग्घर नदी हिमाचल प्रदेश से निकलने के बाद हरियाणा तथा पंजाब में बहती हुई राजस्थान में प्रेवश करती है।
➧घग्घर नदी राजस्थान राज्य के हनुमानगढ़ जिले के टिब्बी तहसील के तलवाड़ा गांव से राजस्थान में प्रवेश करती है।
➧घग्घर नदी राजस्थान में प्रवेश करने के बाद राजस्थान के हनुमानगढ़ तथा श्री गंगानगर जिलों में बहती है।
➧वर्षा ऋतु के दौरान अत्यधिक वर्षा होने पर घग्घर नदी राजस्थान के हनुमानगढ़ तथा श्री गंगानगर जिलों में से बहती हुई पाकिस्तान के बहावलपुर तथा फोर्ट अब्बास तक पहुॅंच जाती है। अर्थात घग्घर नदी राजस्थान में बहने के बाद पाकिस्तान की फोर्ट अब्बास नामक स्थान पर विलुप्त हो जाती है।
➧घग्घर नदी बिन्दौर या बिन्जौर नामक स्थान से पाकिस्तान में प्रेवश करती है।

नाली-
➧राजस्थान में घग्घर नदी के बहाव क्षेत्र को नाली कहते है।
➧राजस्थान में नाली के नाम से भेड़ की नस्ल भी है।
➧नाली नस्ल की भेड़ राजस्थान राज्य में सर्वाधिक बाड़मेर जिले में पायी जाती है।

हकरा-
➧पाकिस्तान में घग्घर नदी के बहाव क्षेत्र को हकरा के नाम से जाना जाता है।

कालीबंगा सभ्यता-
➧कालीबंगा का शाब्दिक अर्थ काले रंग की चुडिया है।
➧घग्घर नदी को किनारे कालीबंगा सभ्यता स्थल विकसीत हुआ था।
➧कालीबंगा सभ्यता की खोज सन् 1952 में घग्घर नदी के किनारे राजस्थान राज्य के हनुमानगढ़ जिले में अमलानंद घोष ने की थी। लेकिन कालीबंगा सभ्यता की खोज को सन् 1960 में B.K. थापर (Bal Krishen Thapar) ने आगे बढ़ाया था।
➧कालीबंगा सभ्यता से प्राप्त साक्ष्य-
1. जुते हुए खेत
2. ऊंट ही हड्डियां
3. कुआं
4. हवन कुंड
5. पक्की नाली
➧कालीबंगा सभ्यता कांस्य युगीन (तांबा + टिन) सभ्यता है।
➧डाॅ. दशरथ शर्मा के अनुसार सिंधु घाटी सभ्यता की तीसरी राजधानी कालीबांगा सभ्यता है।
➧सिंधु घाटी सभ्यता की जुड़वा राजधानी हड़प्पा सभ्यता तथा मोहनजोदड़ो सभ्यता है।

घग्घर नदी के किनारे विकसित हुए स्थल-
➧घग्घर नदी के किनारे हनुमानगढ़ में भटनेर दुर्ग, कालीबंगा सभ्यता तथा रंगमहल सभ्यता विकसित हुए है।

घग्घर नदी की लम्बाई-
➧घग्घर नदी की कुल लम्बाई 465 किलोमीटर है।
➧राजस्थान में घग्घर नदी की कुल लम्बाई 100 किलोमीटर है।

अंतः प्रवाह-
➧घग्घर नदी अंतः प्रवाह की राजस्थान राज्य की सबसे लम्बी नदी है।

अन्तर्राष्ट्रीय सीमा-
➧घग्घर नदी भारत तथा पाकिस्तान के बीच अन्तर्राष्ट्रीय सीमा भी बनाती है।

घग्घर नदी के किनारे बसे राजस्थान के प्रमुख शहर-
➧राजस्थान राज्य के श्री गंगानगर जिले के सुरतगढ़ तथा अनुपगढ़ दोनों शहर घग्घर नदी के किनारे बसे हुए है।

हिमालय-
➧घग्घर नदी राजस्थान की एकमात्र ऐसी नदी है जो अपना जल हिमालय से लाती है।
➧हिमालय में औषत वर्षा होने पर घग्घर नदी का राजस्थान में अंतिम बिंदु भटनेर दुर्ग है।
➧हिमालय में अधिक वर्षा होने पर घग्घर नदी का राजस्थान में अंतिम बिंदु सुरतगढ़ शहर है।

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