राजस्थान में लोकायुक्त

भारत- भारत में लोकपाल या लोकायुक्त नाम सन् 1963 में मशहूर कानूनविद डाॅ. एल. एम. सिंघवी ने दिया था। लोकपाल शब्द संस्कृत भाषा के लोक (लोगों) व पाला (संरक्षण) से मिलकर बना है।

ऑम्बुड्समैन- ऑम्बुड्समैन स्वीडिश भाषा का शब्द है जिसका शाब्दिक अर्थ लोगों का रिप्रेन्जेटेटिव या एजेन्ट होता है। विश्व के अधिकांश देशों में जिस संस्था को ऑम्बुड्समैन कहा जाता है उसी ऑम्बुड्समैन संस्था को भारत में लोकपाल या लोकायुक्त के नाम से जाना जाता है।

स्वीडन- लोकपाल या ऑम्बुड्समैन नामक संस्था का प्रारम्भिक श्रेय स्वीडन को दिया जाता है कियोंकी स्वीडन में लोकापाल या ऑम्बुड्समैन संस्था की अवधारणा की कल्पना की गई थी। स्वीडन विश्व का पहला देश है जिसने संविधान में ऑम्बुड्समैन फाॅर जस्टिस के रूप में 1809 में ऑम्बुड्समैन या लोकपाल संस्था की स्थापना की थी।

उपनाम- ऑम्बुड्समैन संस्था को विभिन्न देशों में भिन्न-भिन्न नामों से जाना जाता है जैसे- ऑम्बुड्समैन संस्था को भारत में लोकपाल या लोकायुक्त के नाम से जाना जाता है, ब्रिटेन, डेनमार्क एवं न्यूजीलैण्ड में ऑम्बुड्समैन संस्था को संसदीय आयुक्त (Parliamentary Commissioner) के नाम से जाना जाता है तथा रूस में ऑम्बुड्समैन संस्था को वक्ता या प्रोसिक्यूटर के नाम से जाना जाता है।

प्रशासनिक सुधार आयोग- भारत में 5 जनवरी 1966  को श्री मोरारजी देसाई की अध्यक्षता में भारत में पहले प्रशासनिक सुधार आयोग का गठन किया गया था।

राजस्थान प्रशासनिक सुधार समिति 1963- राजस्थान में लोकायुक्त व उपलोकायुक्त का गठन राजस्थान प्रशासनिक सुधार समिति की सिफारिस पर किया गया था।

राजस्थान लोकायुक्त एवं उपलोकायुक्त अधिनियम 1973- यह अधिनियम सन् 1973 में पारित किया गया जो 3 फरवरी 1973 से राजस्थान में प्रभावी हुआ था। इस अधिनियम को 26 मार्च 1973 को राष्ट्रपति के द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई थी।

जन अभियोग निराकरण विभाग- राजस्थान में लोकायुक्त संस्था से पहले राजस्थान में लोकायुक्त की जगह जन अभियोग की देखभाल के लिए जन अभियोग निराकरण विभाग विद्यमान था।

गठन- राजस्थान में लोकायुक्त व उपलोकायुक्त का गठन लोकायुक्त एवं उपलोकायुक्त अधिनियम 1973 के तहत 3 फरवरी 1973 को किया गया था।

सचिवालय- राजस्थान में लोकायुक्त का सचिवालय जयपुर में स्थित है।

योग्यता- लोकायुक्त व उपलोकायुक्त की योग्यता उच्च न्यायायलय के मुख्य न्यायाधीश के समान है।

नियुक्ति- 
1. लोकायुक्त- लोकायुक्त की नियुक्ति मुख्यमंत्री, विधानसभा में विपक्ष के नेता तथा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श कर राज्यपाल करता है।
2. उपलोकायुक्त- उपलोकायुक्त की नियुक्ति लोकायुक्त से परामर्श कर राज्यपाल करता है।

शपथ- लोकायुक्त को शपथ राज्यपाल दिलाता है।

कार्यकाल- लोकायुक्त का कार्यकाल शुरुआत में 5 वर्ष किया गया था। वर्ष 2018 में लोकायुक्त के कार्यकाल को 5 वर्ष से बढ़ाकर 8 वर्ष कर दिया गया था। वर्ष 2019 में फिर से लोकायुक्त का कार्यकाल 8 वर्ष से घटाकर 5 वर्ष कर दिया गया था। वर्तमान में लोकायुक्त व उपलोकायुक्त का कार्यकाल 5 वर्ष है।

त्याग पत्र- लोकायुक्त व उपलोकायुक्त अपना त्याग पत्र राज्यपाल को देता है।

पद से हटाना-  लोकायुक्त को राज्यपाल पद से हटा सकता है।
संविधान के अनुच्छेद 311 के उपबन्धों के अध्यधीन रहते हुए लोकायुक्त व किसी उपलोकायुक्त को कदाचार तथा असमर्थता के आधार पर न कि किसी अन्य आधार पर राज्यपाल के द्वारा उसके पद से हटाया जा सकता है।
1. लोकायुक्त- लोकायुक्त को पद से हटाने के लिए राज्यपाल के द्वारा नियुक्त किसी ऐसे व्यक्ति के द्वारा ही जाँच की जायेगी जो उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश या किसी उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश है या रह चुका है।
2. उपलोकायुक्त- उपलोकायुक्त को पद से हटाने के लिए राज्य के द्वारा नियुक्त किसी ऐसे व्यक्ति के द्वारा ही जाँच की जायेगी जो उच्चचम न्यायालय का न्यायाधीश है या रह चुका है या जो उच्च न्यायालय का न्यायाधीश है या रह चुका है।

वेतन-
1. लोकायुक्त- लोकायुक्त को वेतन, भत्ते व पेंशन राज्य उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के समान मिलता है।
2. उपलोकायुक्त- उपलोकायुक्त को वेतन, भत्ते व पेंशन राज्य उच्च न्यायालय के न्यायाधीस के समान मिलता है।

कार्य- लोकायुक्त का कार्य भ्रष्टाचार से संबंधित गतिविधियों को रोकना। लोकायुक्त एक स्वतंत्र संस्था है जिसका क्षेत्राधिकार सम्पूर्ण राजस्थान है। लोकायुक्त राज्य सरकार का कोई विभाग नहीं है और न ही लोकायुक्त के कार्य में सरकार का कोई हस्तक्षेप है।

लोकायुक्त का क्षेत्राधिकार-
1. राज्य के मंत्री
2. सचिव
3. जिला परिषद के प्रमुख व उप प्रमुख
4. पंचायत समिति के प्रधान व उपप्रधान
5. जिला परिषद व पंचायत समिति की स्थाी समितियों के अध्यक्ष
6. नगर निगम के महापौर व उपमहापौर
7. स्थानीय प्राधिकरण
8. नगर परिषद
9. नगरपालिका
10. नगर विकास न्यासों के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष
11. राजकीय कम्पनियों व निगमों या मण्डलों के अध्यक्ष, अधिकारी तथा कर्मचारी 
12. विभागाध्यक्षों
13. लोकसेवकों

विशेष- 5 वर्ष से अधिक पुराने मामले की शिकायत नहीं की जा सकती है।

लोकायुक्त का क्षेत्राधिकार नहीं (निम्नलिखित के विरूद्ध जाँच का अधिकार नहीं)-
1. मुख्यमंत्री, राजस्थान
2. उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश व न्यायाधीश एवं संविधान के अनुच्छेद 236 के खण्ड (ख) में यथा परिभाषित न्यायिक सेवा का  सदस्य
3. राजस्थान लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष व सदस्य
4. महालेखाकार, राजस्थान
5. भारत में किसी भी न्यायालय के अधिकारी व कर्मचारी
6. मुख्य निर्वाचन आयुक्त, निर्वाचन आयुक्त, प्रादेशिक आयुक्त व मुख्य निर्वाचन अधिकारी (राजस्थान)
7. राजस्थान विधानसभा सचिवालय के अधिकारी व कर्मचारी
8. सेवानिवृत्त लोक सेवक
9. सरपंच, उपसरपंच, पंच व विधायक

ओडिशा- लोकायुक्त का गठन करने वाला भारत का पहला राज्य ओडिशा है। ओडिशा में लोकायुक्त का गठन सन् 1970 में किया गया था। ओडिशा में सन् 1995 में पुनः नया लोकपाल एवं लोकायुक्त अधिनिय बनाया गया था। ओडिशा विधानसभा ने अत्यन्त प्रभावी प्रावधानों को समाहित करते हुए ओडिशा लोकायुक्त बिल 2014 पारित कर दिया गया है।

महाराष्ट्र- लोकायुक्त का गठन करने वाला भारत का दूसरा राज्य महाराष्ट्र है। महाराष्ट्र में लोकायुक्त का गठन 1971 में किया गया था।

राजस्थान- लोकायुक्त का गठन करने वाला भारत का तीसरा राज्य राजस्थान है। राजस्थान में लोकायुक्त का गठन 1973 में किया गया था।

आई.डी. दुआ- राजस्थान के प्रथम लोकायुक्त न्यायमूर्ति श्री आई.डी. दुआ है।

प्रताप कृष्ण लोहरा- राजस्थान के वर्तमान लोकायुक्त न्यायामूर्ति श्री प्रताप कृष्ण लोहरा है।

के.पी.यू, मेनन- राजस्थान के प्रथम व एकमात्र उपलोकायुक्त श्री के.पी.यू. मेनन है।

राजस्थान में अब तक के लोकायुक्त
क्र.राजस्थान लोकायुक्त का नामकार्यकाल सेकार्यकाल तक
1न्यायमूर्ति श्री आई.डी. दुआ
(पूर्व न्यायाधीश, उच्चतम न्यायलय)
28 अगस्त 197327 अगस्त 1978
2न्यायमूर्ति श्री डी.पी. गुप्ता
(पूर्व मुख्य न्यायाधीश, राजस्थान उच्च न्यायालय)
28 अगस्त 19785 अगस्त 1979
3न्यायमूर्ति श्री एम.एल. जोशी
(पूर्व कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश, राजस्थान उच्च न्यायालय)
6 अगस्त 19797 अगस्त 1982
4न्यायमूर्ति श्री के.एस. सिद्धू
(न्यायाधीश, राजस्थान उच्च न्यायालय)
4 अप्रैल 19843 जनवरी 1985
5न्यायमूर्ति श्री एम.एल. श्रीमाल
(पूर्व मुख्य न्यायाधीश, सिक्किम उच्च न्यायालय)
4 जनवरी 19853 जनवरी 1990
6न्यायमूर्ति श्री पी.डी. कुदाल
(पूर्व न्यायाधीश, राजस्थान उच्च न्यायालय)
16 जनवरी 19906 मार्च 1990
7न्यायमूर्ति श्री एम.बी. शर्मा
(न्यायाधीश, राजस्थान उच्च न्यायालय)
10 अगस्त 199030 सितम्बर 1993
8न्यायमूर्ति श्री वी.एस. दवे
(न्यायाधीश, राजस्थान उच्च न्यायालय)
21 जनवरी 199416 फरवरी 1994
9न्यायमूर्ति श्री एम.बी. शर्मा
(पूर्व न्यायाधीश, राजस्थान उच्च न्यायालय)
6 जुलाई 19946 जुलाई 1999
10न्यायमूर्ति श्री मिलाप चन्द जैन
(पूर्व न्यायाधीश, राजस्थान उच्च न्यायालय)
26 नवम्बर 199926 नवम्बर 2004
11न्यायमूर्ति श्री जी.एल. गुप्ता
(पूर्व न्यायाधीश, राजस्थान उच्च न्यायालय)
1 मई 200730 अप्रैल 2012
12न्यायमूर्ति श्री एस.एस. कोठारी (सज्जन सिंह कोठारी)
(पूर्व न्यायाधीश, राजस्थान उच्च न्यायालय)
25 मार्च 20137 मार्च 2019
13न्यायमूर्ति श्री प्रताप कृष्ण लोहरा
(पूर्व न्यायाधीश, राजस्थान उच्च न्यायालय)
9 मार्च 2021अब तक

राजस्थान में अब तक के उपलोकायुक्त-
क्र.राजस्थान उपलोकायुक्त का नामकार्यकाल सेकार्यकाल तक
1श्री के.पी.यू मेनन, आई.ए.एस
(पूर्व मुख्य सचिव)
5 जून 197325 जून 1974


6 comments:

  1. Abhi Rajasthan uplokayokt kon h

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    1. वर्तमान में राजस्थान में उपलोकायुक्त के पद पर कोई नहीं है।

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  2. Rajasthan me abhi tak kitne uaplokayukt ban chuke h

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    1. अभी तक राजस्थान में एक ही बार उपलोकायुक्त को नियुक्त किया गया है।

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  3. Provide marvlous gk and very useful for prepration of compition exams

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    1. धन्यवाद, जीके क्लास में आपका स्वागत है।

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