उच्च न्यायालय

उच्च न्यायालय- उच्च न्यायालय राज्यों में न्यायपालिका का सर्वोच्च स्तर होता है। भारतीय संविधान के भाग 6 के अनुच्छेद 214 से 231 तक उच्च न्यायालय का उल्लेख किया गया है।

भारत में सर्वप्रथम उच्च न्यायालय का गठन 1861 के अधिनियम के तहत सन् 1862 की गई थी। भारत में सर्वप्रथम सन् 1862 में कलकत्ता, बाॅम्बे व मद्रास में उच्च न्यायालय की स्थापना की गई थी।


राज्य न्यायपालिका- उच्च न्यायालय तथा अधीनस्थ न्यायालयों से मिलकर राज्य न्यायपालिका का निर्माण होता है।


5 जुलाई 2016- केन्द्रीय मंत्रिमण्डल के प्रस्ताव के द्वारा 5 जुलाई 2016 को कलकत्ता, बाॅम्बे व मद्रास उच्च न्यायालय का नाम बदलकर कोलकात्ता, मुम्बई व चेन्नई उच्च न्यायालय कर दिया गया था।


अनुच्छेद 214- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 214 के अनुसार एक राज्य में एक ही उच्च न्यायालय होगा।


अनुच्छेद 215- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 215 में अभिलेख न्यायालय का उल्लेख किया गया है जिसके अनुसार जिला न्यायालय उच्च न्यायालय को आधार मानकर निर्णय दे सकते है।


अनुच्छेद 216- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 216 में उच्च न्यायालय के गठन का उल्लेख किया गया है।


अनुच्छेद 217 (1)- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 217(1) में उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति एवं कार्यकाल का उल्लेख किया गया है।

नियुक्ति- उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश व अन्य न्यायाधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति करता है। उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति करते समय राष्ट्रपति सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश व राज्यपाल से परामर्श लेता है। उच्च न्यायालय के अन्य न्यायाधीशों की नियुक्ति करते समय राष्ट्रपति सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश व राज्यपाल से परामर्श लेता है।

कार्यकाल- उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश व अन्य न्यायाधीशों का कार्यकाल 62 वर्ष की आयु तक ही होता है।


अनुच्छेद 217(1) (क)- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 217(1) (क) में उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के त्याग पत्र का उल्लेख किया गया है।

त्याग पत्र- उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश व अन्य न्यायाधीश अपना त्याग पत्र राष्ट्रपति को देते है।


अनुच्छेद 217(1) (ख)- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 217(1) (ख) में उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को पद से हटाने का उल्लेख किया गया है।

पदमुक्ति- उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश व अन्य न्यायाधीशों को अक्षमता व कदाचार के आरोप में संसद द्वारा महाभियोग प्रस्ताव को पारित कर राष्ट्रपति के द्वारा पद से हटाया जा सकता है।


अनुच्छेद 217(2)- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 217(2) में उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की योग्यताओं का उल्लेख किया गया है। (हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश व अन्य न्यायाधीश)

उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की योग्यताएँ-

1. वह भारत का नागरिक हो।

2. कम से कम 10 वर्षों का न्यायिक पद पर कार्य का अनुभव हो।

3. कम से कम लगातार 10 वर्षों तक किसी एक या एक से अधिक उच्च न्यायालय में वकील के रूप में कार्य किया हो।


अनुच्छेद 218- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 218 के अनुसार सर्वोच्च न्यायालय के कुछ उपबंध उच्च न्यायालय पर लागू होते है। अर्थात् सर्वोच्च न्यायालय के कुछ निर्णय उच्च न्यायालय को मानने ही पड़ते है।


अनुच्छेद 219- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 219 उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की शपथ का उल्लेख किया गया है।

शपथ- उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को शपथ राज्यपाल दिलाता है तथा उच्च न्यायालय के अन्य न्यायाधीशों को शपथ मुख्य न्यायाधीश दिलाता है।

विशेष- राज्यपाल व उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति राष्ट्रपति करता है लेकिन शपथ राष्ट्र्पति नहीं दिलाता है। राज्यपाल को शपथ उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश दिलाता है तथा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को शपथ राज्यपाल दिलाता है।


अनुच्छेद 220- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 220 में यह उल्लेख किया गया है की उच्च न्यायालय के न्यायाधीश सेवानिवृत्ति के बाद में किसी भी अन्य उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय को छोड़कर उसी उच्च न्यायालय में या अधीनस्थ न्यायालयों में वकालात नहीं कर सकते है। और न ही सरकार में कोई लाभ का पद ग्रहण कर सकते है।


अनुच्छेद 221- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 221 में उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के वेतन व भत्तों का उल्लेख किया गया है।


अनुच्छेद 222- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 222 में उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के स्थानान्तरण का उल्लेख किया गया है।


अनुच्छेद 223- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 223 में उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश का उल्लेख किया गया है।

नियुक्ति- उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति भी राष्ट्रपति करता है।


अनुच्छेद 224- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 224 में अतिरिक्त न्यायाधीश कि नियुक्ति का उल्लेख किया गया है।

नियुक्ति- अतिरिक्त न्यायाधीश की नियुक्ति उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश करता है।


अनुच्छेद 225- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 225 में उल्लेख किया गया है की सेवानिवृत न्यायाधीश बैठक में भाग लेगा।


अनुच्छेद 226- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 226 के अनुसार उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश 6 प्रकार की रिट जारी करता है।


अनुच्छेद 228- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 228 के अनुसार कुछ मामलों में उच्च न्यायालय का स्थानान्तरण किया जा सकता है।


अनुच्छेद 229- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 229 में उल्लेख है की उच्च न्यायालय के कर्मचारी एवं अधिकारियों की नियुक्ति उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश करता है।


अनुच्छेद 230- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 230 के अनुसार उच्च न्यायालय के क्षेत्राधिकार का संघ राज्यों पर लागू।


अनुच्छेद 231- 7वें संविधान संशोधन अधिनियम 1956 के द्वारा भारतीय संविधान के अनुच्छेद 231 में यह प्रावधान किया गया है की संसद के द्वारा दो या दो से अधिक राज्यों या केन्द्रशासित प्रदेशों के लिए एक ही उच्च न्यायालय का गठन किया जा सकता है।


अनुच्छेद 348- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 348 के अनुसार उच्च न्यायालय की कार्यवाही अंग्रेजी में होगी।


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2 comments:

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    1. धन्यवाद, जीके क्लास में आपका स्वागत है।

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