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अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष

(International Monetary Fund- IMF)


अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund- IMF)-

➠अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की स्थापना 1944 ई. में की गई थी।

➠अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) का मुख्यालय वाशिंगटन डीसी-अमेरिका (Washington D.C.- USA) में स्थित है।

➠वर्तमान में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में 190 देश सदस्य है।

➠अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) का नवीनतम सदस्य देश अंडोरा (Andorra) है।

➠अंडोरा देश यूरोप महाद्वीप में स्थित है।

➠अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) का 190वां सदस्य देश अंडोरा (Andorra) है।


अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के कार्य-

1. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के सदस्य देशों में से यदि किसी सदस्य देश में भुगतान संतुलन का संकट आता है तब वह देश अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से मदद ले सकता है।

2. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के द्वारा अंतर्राष्ट्रीय भुगतानों को पूरा करवाया जाता है।

3. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के द्वारा वैश्विक अर्थव्यवस्था पर नजर बनाये रखी जाती है।

4. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के द्वारा अपने सदस्य देशों की मौद्रिक नीति के बीच समन्वय स्थापित किया जाता है।

5. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) का कार्य वैश्विक विनिमय दरों में स्थिरता बनाये रखना है।

6. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के द्वारा अपने सदस्य देशों को आर्थिक सुधार के लिए प्रेरित किया जाता है।

7. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के द्वारा अपने सदस्य देशों को आर्थिक सलाह उपलब्ध करवायी जाती है।


अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के द्वारा तीन मुख्य रिपोर्ट जारी की जाती है जैसे-

1. वर्ल्ड इकोनाॅमिक आउटलुर रिपोर्ट (World Economic Outlook Report- WEOR)

2. ग्लोबल फाइनेंशियल स्टैबिलिटी रिपोर्ट (Global Financial Stability Report- GFSR)

3. राजकोषीय निगरानी रिपोर्ट (Fiscal Monitor Report- FMR)


अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की संरचना-

➠अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की संरचना त्रिस्तरीय है जैसे-

1. बोर्ड ऑफ गवर्नर्स (Board of Governors)

2. कार्यकारी निदेशक (Executive Director)

3. प्रबंध निदेशक (Managing Director)


1. बोर्ड ऑफ गवर्नर्स (Board of Governors)-

➠अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की बोर्ड ऑफ गवर्नर्स संस्था अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में निर्णय लेने वाली सर्वोच्च संस्था है।

➠अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के सदस्य देशों के वित्त मंत्री तथा केंद्रीय बैंक के गवर्नर बोर्ड आॅफ गवर्नर्स में भाग लेते है।

➠अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स में महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए 85% मत की आवश्यकता होती है।


2. कार्यकारी निदेशक (Executive Director)-

➠अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में दिन प्रतिदिन के निर्णय लेने का कार्य कार्यकारी निदेशक (Executive Director) के द्वारा किया जाता है।

➠अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में कार्यकारी निदेशक (Executive Director) की संख्या कुल 24 होती है।

➠भारत की तरफ से अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के कार्यकारी निदेशक (Executive Directior) का सदस्य सुरजीत भल्ला (Dr. Surjit Bhalla) है।


3. प्रबंध निदेशक (Managing Director)-

➠प्रबंध निदेशक (Managing Director) अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के स्टाफ का प्रमुख होता है।

➠वर्तमान में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के स्टाफ का प्रबंध निदेशक (Managing Director) क्रिस्टालिना जाॅर्जीवा (Kristalina Georgieva) है।

➠क्रिस्टालिना जाॅर्जीवा (Kristalina Georgieva) बुल्गारिया देश की नागरीक है।

➠अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) का प्रतिनिधित्व प्रबंध निदेशक (Managing Director) के द्वारा किया जाता है।

➠अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की उप प्रबंध निदेशक (Deputy Managing Director) भारतीय मूल की गीता गोपीनाथ है।

➠गीता गोपीनाथ अमेरिकी नागरीक है।


विशेष- विश्व बैंक तथा अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) को संयुक्त रूप से ब्रेटन वुड्स के जुड़वाँ (Bretton Woods Twins) कहा जाता है।


अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की कोटा प्रणाली (Quota System)-

➠अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में किसी देश की भूमिका कोटा प्रणाली से निर्धारित होती है।

➠अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की कोटा प्रणाली में निम्नलिखित बाते निर्धारित की जाती है जैसे-

1. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की कोटा प्रणाली में योगदान (Subscription/Contribution)-

2. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की कोटा प्रणाली में मत मूल्य (Vote Value)

3. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की कोटा प्रणाली में ऋण क्षमता (Credit Capacity)

4. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की कोटा प्रणाली में SDR का आवंटन


1. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की कोटा प्रणाली में योगदान (Subscription/Contribution)-

➠अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) का प्रत्येक सदस्य देश अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से जुड़ने पर कुछ मुद्रा का योगदान करता है जिसे कोटा सदस्यता कहा जाता है।

➠अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में योगदान अर्थात् अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के किसी सदस्य देश को अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में कितना धन जमा करवाना है।

➠अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में योगदान के लिए अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के सदस्य देश को 75% धन स्वयं की मुद्रा में जमा करवाया जाता है। तथा 25% धन दुर्लभ मुद्रा (Hard Currency) में जमा करवाया जाता है।

➠वह मुद्रा जिसकी वैश्विक स्वीकार्यता है दुर्लभ मुद्रा (Hard Currency) कहलाती है।

➠अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में योगदान के लिए जमा करवाये गये 25% धन या दुर्लभ मुद्रा (Hard Currency) को रिजर्व ट्रेन्च (Reserve Tranche) भी कहा जाता है।


2. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की कोटा प्रणाली में मत मूल्य (Vote Value)-

➠अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की कोटा प्रणाली में जिस देश का कोटा अधिक होता है उस देश का मत मूल्य भी अधिक होता है। जैसे- वर्तमान में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के सदस्य देश अमेरिका () का मत मूल्य सर्वाधिक है।

➠अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की कोटा प्रणाली में अमेरिका का मत मूल्य लगभग 17% है।


3. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की कोटा प्रणाली में ऋण क्षमता (Credit Capacity)-

➠अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में सदस्य देश एक वर्ष में अपने कोटा का 200% तक ऋण ले सकते है।

➠अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में सदस्य देश कुल 600% ऋण ले सकते है।


4. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की कोटा प्रणाली में SDR का आवंटन

➠विशेष आहरण अधिकार Special Drawing Rights- SDR


अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की कोटा प्रणाली (Quota System) निर्धारण निम्नलिखित कारकों के आधार पर किया जाता है।-

1. GDP- GDP का भारांश 50%

2. अर्थव्यवस्था का खुलापन (Openness of Economy)- भारांश 30%

3. अर्थव्यवस्था की गतिशीलता (Varibility of Economy)- भारांश 15%

4. विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves)- भारांश 5%


कोटा सुधार या कोटा समीक्षा-

➠प्रत्येक 5 वर्ष में कोटा समीक्षा या कोटा सुधार किया जाता है।

➠विकासशील देशों की मांग है की समय पर कोटा सुधार लागू किये जाने चाहिए परन्तु विकसित देश अपनी शक्ति को कम नहीं करना चाहते है।

➠हाल ही में 15वीं कोटा समीक्षा या कोटा सुधार किया गया है।

➠15वीं समीक्षा या कोटा सुधार में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।

➠14वीं कोटा समीक्षा या कोटा सुधार में परिवर्तन किये गये थे जैसे-

1. विकासशील देशों के कोटा में 6 प्रतिशत की वृद्धि की गई

2. 14वीं कोटा समीक्षा या कोटा सुधार में भारत 8वां सबसे बड़ा कोटा धारक बन गया है।

3. 14वीं कोटा समीक्षा के अनुसार भारत का कोटा 2.67 प्रतिशत है।

4. 14वीं कोटा समीक्षा या कोटा सुधार में चीन तीसरे सबसे बड़ा कोटा धारक बन गया है।


अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) का विशेष आहरण अधिकार (Special Drawing Rights- SDR)-

➠विशेष आहरण अधिकार (Special Drawing Rights- SDR) एक अंतर्राष्ट्रीय रिजर्व परिसम्पत्ति है।

➠विशेष आहरण अधिकार (SDR) का प्रयोग अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के सदस्य देशों के विदेशी मुद्रा भंडार में सहयोग के लिए किया जाता है।

➠विशेष आहरण अधिकार (SDR) की शुरुआत 1969 ई. में की गई थी।

➠प्रारम्भ में विशेष आहरण अधिकार (SDR) का मूल्य 1 SDR = 1 $ = 0.88 grams of gold है।

➠वर्तमान में विशेष आहरण अधिकार (SDR) का मूल्य पांच मुद्राओं के आधार पर निकाला जाता है जैसे-

1. अमेरिका का डाॅलर (USA $)

2. (UK) ब्रिटेन का पाउंड

3. यूरो (Euro)

4. जापान का येन

5. चीन का रेनमिनबी या रेनमिनली (रेनमिनबी को वर्तमान में जोड़ा गया है।)

➠विशेष आहरण अधिकार (SDR) को पेपर गोल्ड भी कहा जाता है।

➠विशेष आहरण अधिकार (SDR) का प्रयोग अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के दो सदस्य देशों की सरकारों के बीच सम्प्रभू भुगतान के लिए किया जाता है।

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