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अग्नाशय ग्रंथि (Pancreas Gland)

 अग्नाशय ग्रंथि

(Pancreas Gland)


अग्नाशय ग्रंथि (Pancreas Gland)-

➠मनुष्य के शरीर में अग्नाशय ग्रंथि की संख्या एक होती है।

➠अग्नाशय ग्रंथि पुरुष तथा महिला दोनों में पायी जाती है।

➠अग्नाशय ग्रंथि के दो भाग होते है। जैसे-

(I) द्रव भाग (Fluid Part)

(II) लैंगरहैंस के द्वीप समूह (Island of Langerhans)


(I) द्रव भाग (Fluid Part)-

➠अग्नाशय ग्रंथि का द्रव भाग बाह्य स्रावी भाग बनाता है।


(II) लैंगरहैंस के द्वीप समूह (Island of Langerhans)-

➠लैंगरहैंस के द्वीप समूह अग्नाशय ग्रंथि का अंतःस्रावी भाग बनाता है।

➠लैंगरहैंस के द्वीप समूह में तीन प्रकार की कोशिकाएं पायी जाती है। जैसे-

(A) अल्फा कोशिका (Alpha Cell/ 𝛂-Cell)

(B) बीटा कोशिका (Beta Cell /𝛃-Cell)

(C) गामा कोशिका (Gamma Cell /𝜸-Cell)


(A) अल्फा कोशिका (Alpha Cell/ 𝛂-Cell)-

➠अग्नाशय ग्रंथि में पायी जाने वाली अल्फा कोशिका से ग्लूकागोन हार्मोन (Glucagon Hormone) निकलता है।


ग्लूकागोन हार्मोन (Glucagon Hormone)-

➠मनुष्य के शरीर में ग्लूकागोन हार्मोन अग्नाशय ग्रंथि की अल्फा कोशिका में स्रावित होता है। अर्थात् ग्लूकागोन हार्मोन अग्नाशय ग्रंथि की अल्फा कोशिका से निकलता है।

➠ग्लूकागोन हार्मोन प्रोटीन (Protein) का बना होता है। अर्थात् ग्लूकागोन हार्मोन Protein Hormone है।


(B) बीटा कोशिका (Beta Cell /𝛃-Cell)-

➠अग्नाशय ग्रंथि में पायी जाने वाली बीटा कोशिका से इंसुलिन हार्मोन (Insulin Hormone) निकलता है।


इंसुलिन हार्मोन (Insulin Hormone)-

➠मनुष्य के शरीर में इंसुलिन हार्मोन अग्नाशय ग्रंथि की बीटा कोशिका में स्रावित होता है। अर्थात् अग्नाशय ग्रंथि की बीटा कोशिका से इंसुलिन हार्मोन निकलता है।

➠इंसुलिन हार्मोन प्रोटीन (Protein) का बना होता है। अर्थात् इंसुलिन हार्मोन Protein Hormone है।

➠मनुष्य के शरीर में मूत्र का निर्माण किडनी में होता है।

➠मनुष्य के शरीर में मूत्र का निर्माण रक्त के छनित्र के कारण होता है।

➠इंसुलिन हार्मोन मनुष्य के शरीर में ग्लूकोज को रक्त से कोशिका में लेकर जाता है।

➠इंसुलिन हार्मोन की कमी के कारण मनुष्य में डायबिटीज मेलिटस (Diabetes Mellitus) नामक रोग हो जाता है।

➠डायबिटीज मेलिटस (DM) रोग को मधुमेह रोग भी कहते है।


डायबिटीज मेलिटस या मधुमेह रोग के निम्नलिखित लक्षण होते है। जैसे-

(I) मधुमेह रोग होने पर व्यक्ति के रक्त में ग्लूकोज का स्तर बढ़ जाता है। अर्थात् व्यक्ति के रक्त में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ने से मधुमेह या डायबिटीज मेलिटस रोग होता है।

(II) मधुमेह रोग के कारण मूत्र में ग्लूकोज उपस्थित होती है।

(III) मधुमेह रोग होने पर व्यक्ति का मूत्र (Urine) अधिक सांद्र (Concentrated) हो जाता है।

(IV) मधुमेह रोग होने पर व्यक्ति के मूत्र त्यागने की संख्या बढ़ जाती है।

(V) मधुमेह रोग होने पर व्यक्ति को प्यास अधिक लगती है।

(VI) मधुमेह रोग होने पर व्यक्ति में मूत्र अधिक बनता है।

(VII) मधुमेह रोग में व्यक्ति के मूत्र में पानी की मात्रा अधिक हो जाती है।


डायबिटीज मेलिटस या मधुमेह रोग की जटिलताएं-

(I) मधुमेह रोग में व्यक्ति की किडनी भी खराब हो सकती है। तथा किडनी खराब होने पर व्यक्ति की मृत्यु भी हो सकती है।

(II) मधुमेह रोग में व्यक्ति की आँखों की रेटिना खराब हो सकती है आखों की रेटिना (Retina) खराब होने से व्यक्ति अंधा भी हो सकता है।

(III) मधुमेह रोग में व्यक्ति का मस्तिष्क भी क्षतिग्रस्त हो सकता है। अर्थात् व्यक्ति के मस्तिष्क के बहुत से पार्ट क्षतिग्रस्त हो जाते है।


डायबिटीज मेलिटस या मधुमेह रोग के दो प्रकार है जैसे-

(I) डायबिटीज मेलिटस-1 (मधुमेह-1)

(II) डायबिटीज मेलिटस-2 (मधुमेह-2)


(I) डायबिटीज मेलिटस-1 (मधुमेह-1)

➠डायबिटीज मेलिटस-1 या मधुमेह-1 रोग 40 से कम आयु के लोगों में होने वाला रोग है।

➠डायबिटीज मेलिटस-1 या मधुमेह-1 रोग में अग्नाशय ग्रंथि से बीटा कोशिका नष्ट हो जाती है।

➠डायबिटीज मेलिटस-1 रोग में इंसुलिन हार्मोन की कमी हो जाती है।

➠डायबिटीज मेलिटस-1 के रोगी को इंसुलिन हार्मोन का इंजेक्शन दिया जाता है।

➠डायबिटीज मेलिटस-1 रोग स्वप्रतिरक्षित (Autoimmune Disease) रोग है।


(II) डायबिटीज मेलिटस-2 (मधुमेह-2)-

➠डायबिटीज मेलिटस-2 या मधुमेह-2 रोग 40 से अधिक आयु के लोगों में होता है।

➠डायबिटीज मेलिटस-2 में बीटा कोशिका सामान्य रहती है।

➠डायबिटीज मेलिटस-2 में इंसुलिन हार्मोन भी सामान्य रहता है।

➠डायबिटीज मेलिटस-2 में इंसुलिन हार्मोन के रिसेप्टर (Receptor) क्षतिग्रस्त हो जाते है।

➠डायबिटीज मेलिटस-2 रोग जीवन शैली से होने वाला रोग है जैसे- (खाने में मीठा अधिक खाना, मोटापा अधिक होना, धूम्रपान करना, शराब का सेवन करना आदि इस रोग के कारण है।)

➠डायबिटीज मेलिटस-2 या मधुमेह-2 रोग में रोगी को मेटफाॅर्मिन नामक दवाई दी जाती है।


(C) गामा कोशिका (Gamma Cell /𝜸-Cell)-

➠अग्नाशय ग्रंथि में पायी जाने वाली गामा कोशिका से सोमाटोस्टेटिन हार्मोन (Somatostatin Hormone) निकलता है।


सोमाटोस्टेटिन हार्मोन (Somatostatin Hormone)-

➠मनुष्य के शरीर में सोमाटोस्टेटिन हार्मोन अग्नाशय ग्रंथि की गामा कोशिका में स्रावित होता है। अर्थात् अग्नाशय ग्रंथि की गामा कोशिका से सोमाटोस्टेटिन हार्मोन निकलता है।

➠सोमाटोस्टेटिन हार्मोन प्रोटीन (Protein) का बना होता है। अर्थात् सोमाटोस्टेटिन हार्मोन Protein Hormone है।


मिश्रित ग्रंथि (Mixed Gland)-

➠मनुष्य के शरीर में पायी जाने वाली अग्नाशय ग्रंथि को ही मिश्रित ग्रंथि कहा जाता है। क्योंकि अग्नाशय ग्रंथि अंतः स्रावी ग्रंथि (Endocrine Gland) एवं बाह्य स्रावी ग्रंथि (Exocrine Gland) दोनों ग्रंथियों की तरह कार्य करती है।

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