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शिशुनाग वंश

शिशुनाग वंश (412 ई.पू. - 344 ई.पू.)

(Shishunaga Vansh, 412 BC - 344 BC)


शिशुनाग वंश-

➠शिशुनाग वंश का शासक काल 412 ई.पू. से लेकर 344 ई.पू. तक था।

➠शिशुनाग वंश मगध साम्राज्य का दूसरा राजवंश था।

➠शिशुनाग वंश का संस्थापक शिशुनाग को माना जाता है।


शिशुनाग वंश के प्रमुख राजा-

1. शिशुनाग

2. कालाशोक या काकवर्ण


1. शिशुनाग-

➠शिशुनाग ने शिशुनाग वंश की स्थापना की थी।

➠शिशुनाग ने अवंती को जीत लिया था।

➠शिशुनाग ने वैशाली को अपनी राजधानी बनाया था।

➠शिशुनाग हर्यक वंश के शासक नागदशक का अमात्य था।


2. कालाशोक या काकवर्ण-

➠शिशुनाग वंश का अंतिम शासक कालाशोक था।

➠कालाशोक ने 383 ई.पू. में द्वितीय बौद्ध संगीति (बैठक) का आयोजन करवाया था।

➠कालाशोक ने पुनः अपनी राजधानी वैशाली से पाटलिपुत्र स्थानांतरित कर दी थी।

➠नंद वंश के संस्थापक महापद्मनंद ने कालाशोक की हत्या कर दी थी।

➠कालाशोक की हत्या के बाद शिशुनाग वंश का अंत हो गया था तथा नंद वंश की स्थापना हुई थी।

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