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थायराइड ग्रंथि (Thyroid Gland)

थायराइड ग्रंथि

(Thyroid Gland)


थायराइड ग्रंथि (Thyroid Gland)-

➠मनुष्य के शरीर में थायराइड ग्रंथि की संख्या एक होती है।

➠थायराइड ग्रंथि मनुष्य के शरीर में पायी जाने वाली एक अंतःस्रावी ग्रंथि (Endocrine Gland) है।

➠मनुष्य के शरीर में पायी जाने वाली सबसे बड़ी अंतःस्रावी ग्रंथि थायराइड ग्रंथि है।

➠थायराइड ग्रंथि पुरुष तथा महिला दोनों में पायी जाती है।

➠थायराइड ग्रंथि व्यक्ति की गर्दन में श्वसन नली के ऊपर तथा स्वर यंत्र के नीचे पायी जाती है।

➠थायराइड ग्रंथि तितली के आकार की होती है।

➠थायराइड ग्रंथि पुरुष तथा महिला दोनों में पायी जाती है।

➠थायराइड ग्रंथि से थायरोक्सिन हार्मोन निकलता है।


थायरोक्सिन हार्मोन (Thyroxine Hormone)-

➠मनुष्य के शरीर में थायरोक्सिन हार्मोन थायराइड ग्रंथि के द्वारा स्रावित होता है। अर्थात् थायरोक्सिन हार्मोन थायराइड ग्रंथि से निकलता है।

➠थायरोक्सिन हार्मोन प्रोटीन (Protein) का बना होता है। अर्थात् थायरोक्सिन हार्मोन Protein Hormone है।

➠थायराइड ग्रंथि में थायरोक्सिन हार्मोन के निर्माण के लिए आयोडीन आवश्यक होता है।

➠मनुष्य के शरीर में आयोडीन की कमी के कारण थायरोक्सिन हार्मोन का निर्माण कम होता है।

➠मनुष्य के शरीर में आयोडीन की अधिकता के कारण थायरोक्सिन हार्मोन का निर्माण अधिक होता है।

➠पीयूष ग्रंथि (Pituitary Gland) से निकलने वाला TSH हार्मोन थायराइड ग्रंथि को सक्रिय (Active) कर देता है और थायराइड ग्रंथि में थायरोनिन (Thyronin) का निर्माण करता है। इसीलिए TSH हार्मोन को थायराइड स्टिमुलेटिंग हार्मोन (Thyroid Stimulating Hormone- TSH) कहा जाता है।

➠थायराइड ग्रंथि में आयोडीन थायरोनिन से जुड़कर या मिलकर थायरोक्सिन हार्मोन बनाती है।


थायरोक्सिन हार्मोन के कार्य (Function of Thyroxine Hormone)-

1. थायरोक्सिन हार्मोन बाल्यावस्था में मस्तिष्क के विकास में सहायक होता है। (मनुष्य के शरीर में मस्तिष्क का विकास 7-8 वर्ष तक ही होता है।)

2. थायरोक्सिन हार्मोन शरीर के तापमान को नियंत्रित रखता है।

3. थायरोक्सिन हार्मोन आधारी उपापचयी दर (Basal Metabolic Rate- B.M.R.)

4. थायरोक्सिन हार्मोन कोशिका में माइटोकांड्रिया की संख्या को सामान्य से बढ़ा देता है।

5. थायरोक्सिन हार्मोन मनुष्य के शरीर की कंकालीय वृद्धि करता है।


थायराइड ग्रंथि में थायरोक्सिन हार्मोन की कमी से मनुष्य में होने वाले रोग-

1. गलगंड रोग या घेंघा रोग (Goiter)

2. जड़वामनता (Cretinism)


1. गलगंड रोग या घेंघा रोग (Goiter)-

➠गलगंड रोग को ही घेंघा रोग कहा जाता है।

➠मनुष्य के शरीर में गलगंड रोग आयोडीन की कमी या थायरोक्सिन हार्मोन की कमी के कारण होता है।

➠मनुष्य के शरीर में आयोडीन की कमी के कारण थायरोक्सिन हार्मोन भी कम हो जाता है इसीलिए पीयूष ग्रंथि अत्यधिक मात्रा में थायराइड स्टिमुलेटिंग हार्मोन (TSH Hormone) स्रावित करती है इसीलिए थायराइड ग्रंथि अत्यधिक मात्रा में थायरोनिन (Thyronine) बनाने लगती है।

➠मनुष्य के शरीर में थायराइड ग्रंथि में थायरोनिन अत्यधिक मात्रा में बनने के कारण थायरोनिन थायराइड ग्रंथि में जमा होने लगता है और थायराइड ग्रंथि फूलकर बड़ी हो जाती है। थायराइड ग्रंथि का फूलकर बड़ा होना ही गलगंड रोग या घेंघा रोग कहलाता है।


गलगंड रोग या घेंघा रोग का इलाज-

➠गलगंड रोग या घेंघा रोग के इलाज के लिए रोगी को आयोडीन दिया जाता है।


2. जड़वामनता (Cretinism)-

➠बाल्यावस्था में मनुष्य के शरीर में आयोडीन की कमी के कारण थायराइड ग्रंथि में थायरोक्सिन हार्मोन कम बनता है।

➠बाल्यावस्था में व्यक्ति के शरीर मे थायरोक्सिन हार्मोन कम बनने के कारण व्यक्ति के मस्तिष्क का अल्प विकास (Less Development of Brain) होता है 

➠बाल्यावस्था में व्यक्ति के शरीर में थायरोक्सिन हार्मोन की कमी के कारण व्यक्ति में बौनापन (Dwarfism) रह जाता है।

➠मस्तिष्क का अल्पविकास होने के कारण व्यक्ति मंदबुद्धि (Mental Retardation) रह जाता है।

➠बाल्यावस्था में थायरोक्सिन हार्मोन की कमी से व्यक्ति का जड़वामनता हो जाता है।

➠बाल्यावस्था में थायराइड ग्रंथि में थायरोक्सिन हार्मोन की कमी के कारण व्यक्ति का मंदबुद्ध होना और बौनापन दोनों का साथ होना ही जड़वामनता कहलाता है।


C-कोशिका (C-Cell)-

➠थायराइड ग्रंथि में अंग्रेजी वर्णमाला के C अक्षर के आकार की कोशिकायें पायी जाती है।

➠थायराइड ग्रंथि में पायी जाने वाली C आकार की कोशिका को C-कोशिका (C-Cell) कहा जाता है।

➠थायराइड ग्रंथि में पायी जाने वाली C-कोशिका से कैल्सीटोनिन हार्मोन (Calcitonin Hormone) निकलता है।

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