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इंडो-ग्रीक वंश

 इंडो-ग्रीक वंश

(Indo-Greek Dynasty)


इंडो-ग्रीक वंश (Indo-Greek Dynasty)-

➠हिंदी यूनानी लोगों को इंडो-ग्रीक के नाम से जाना जाता था।

➠इंडो-ग्रीक वंश को ही हिंद-यवन वंश भी कहा जाता है।

➠इंडो-ग्रीक वंश दो शाखाओं या भागों में विभाजित था। जैसे-

1. पहला भाग या पहली शाखा

2. दूसरा भाग या दूसरी शाखा


1. पहला भाग या पहली शाखा-

➠इंडो-ग्रीक वंश का पहली शाखा का संस्थापक डिमेट्रियस (दमित्रि) था।

➠इंडो-ग्रीक वंश की पहली शाखा की राजधानी साकल (सियालकोट या स्यालकोट) थी।

➠सियालकोट या स्यालकोट वर्तमान में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत का जिला है।


इंडो-ग्रीक वंश की पहली शाखा के प्रमुख शासक-

(I) डिमेट्रियस

(II) मेनांडर


(I) डिमेट्रियस-

➠डिमेट्रियस ने इंडो-ग्रीक वंश की पहली शाखा की स्थापना की थी।

➠डिमेट्रियस ने अपनी राजधानी साकल (सियालकोट या स्यालकोट, पंजाब, पाकिस्तान) को बनाया था।।


(II) मेनांडर-

➠इंडो-ग्रीक शासक मिनांडर को बौद्ध ग्रंथों में मिलिंद कहा गया है। अर्थात् मेनांडर का दूसरा नाम मिलिंद था।

➠मेनांडर या मिलिंद या मिनेंडर या मनेंदर इंडो-ग्रीक वंश की पहली शाखा का प्रसिद्ध शासक था।

➠मेनांडर या मिलिंद ने नागसेन बौद्ध भिक्षु के साथ वार्तालाप किया था।

➠मेनांडर या मिलिंद ने नागसेन बौद्ध भिक्षु से कई प्रश्न किये थे।

➠मेनांडर या मिलिंद तथा नागसेन बौद्ध भिक्षु के बीच हुई वार्तालाप में पूछे गये प्रश्न उत्तर पर एक पुस्तक का संकलन किया गया था उस पुस्तक का नाम मिलंद पन्हो (मिलिंदपन्ह) है। अर्थात् मिलिंद तथा नागसेन बौद्ध भिक्षु के बीच हुई वार्तालाप में पूछे गये प्रश्न उत्तर पर मिलिंद पन्हो नामक पुस्तक लिखी गई थी।

➠मिलिंद पन्हो पाली भाषा में लिखी गई पुस्तक है।

➠मेनांडर या मिलिंद ने सर्वप्रथम सोने के सिक्कों का अंकन शुरू किया था।

➠मथुरा से मेनांडर के सिक्के प्राप्त होते है।

➠मथुरा भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित है।

➠मेनांडर या मिलिंद का एशिया का संरक्षक भी कहा जाता है।


2. दूसरा भाग या दूसरी शाखा-

➠इंडो-ग्रीक वंश की दूसरी शाखा का संस्थापक युक्रेटाइडस था।

➠इंडो-ग्रीक वंश की दूसरी शाखा की राजधानी तक्षशिला थी।


इंडो-ग्रीक वंश की दूसरी शाखा के प्रमुख शासक-

(I) युक्रेटाइडस

(II) एण्टियालकीड्स या एंटियोलकिडास


(I) युक्रेटाइडस-

➠यूक्रेटाइडस ने इंडो-ग्रीक वंश की दूसरी शाखा की स्थापना की थी।

➠युक्रेटाइडस ने अपनी राजधानी तक्षशिला को बनाया था।

➠युक्रेटाइडस डिमेट्रियस का समकालीन था।

➠युक्रेटाइडस ने डिमेट्रियस के बैक्ट्रियाई क्षेत्र को जीत लिया था।


(II) एण्टियालकीड्स या एंटियोलकिडास-

➠एण्टियालकीड्स या एंटियोलकिडास इंडो-ग्रीक वंश की दूसरी शाखा का प्रसिद्ध शासक था।

➠एण्टियालकीड्स या एंटियोलकिडास ने अपने दूत हेलियोडोरस को भागभद्र के दरबार में भेजा था।


हर्मियस-

➠हर्मियस इंडो-ग्रीक वंश का अंतिम शासक था।

➠शकों ने हर्मियस को पराजित किया था।

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