Type Here to Get Search Results !

भारत की लोकसभा (Lok Sabha of India)

भारत की लोकसभा (Lok Sabha of India)-

  • लोकसभा का उल्लेख भारत के संविधान के भाग-5 तथा अनुच्छेद 81 में किया गया है।
  • लोकसभा विधायिका का भाग या अंग है।
  • लोकसभा के अन्य नाम-
  • (I) निम्न सदन (Lower House)
  • (II) अस्थाई सदन (Temporary House)
  • (III) लोकप्रिय सदन (Popular House)
  • (IV) प्रथम सदन (First Chamber)
  • लोकसभा का 'लोकसभा' नाम सन् 1954 में रखा गया था।
  • सन् 1954 से पहले लोकसभा का नाम हाउस ऑफ पीपल (House of People-HOP) था।


लोकसभा में अधिकतम सदस्य-

  • लोकसभा में अधिकतम सदस्य 552 हो सकते हैं।
  • लोकसभा के अधिकतम सदस्यों में से 550 निर्वाचित सदस्य हो सकते हैं।

  • लोकसभा के अधिकतम सदस्यों में से 2 निर्वाचित सदस्य हो सकते हैं।
  • लोकसभा में अधिकतम 550 निर्वाचित सदस्यों में से 530 सदस्य राज्यों से निर्वाचित हो सकते हैं।
  • लोकसभा में अधिकतम 550 निर्वाचित सदस्यों में से 20 सदस्य केन्द्र शासित प्रदेशों से निर्वाचित हो सकते हैं।


लोकसभा में वर्तमान सदस्य-

  • लोकसभा में वर्तमान सदस्य संख्या 543 है।
  • लोकसभा में वर्तमान 543 सदस्यों में से 524 सदस्य राज्यों से निर्वाचित होते हैं।
  • लोकसभा में वर्तमान 543 सदस्यों में से 19 सदस्य केन्द्रशासित प्रदेशों से निर्वाचित होते हैं।
  • भारत के संविधान के 104वें संविधान संशोधन अधिनियम 2020 के तहत लोकसभा में 2 आंग्ल भारतीय सदस्यों का मनोनयन वर्ष 2020 से आगे नहीं बढ़ाया गया है।
  • वर्तमान में लोकसभा की अधिकतम सीटें उत्तर प्रदेश राज्य में है। तथा दूसरे स्थान पर अधिकतम सीटें महाराष्ट्र राज्य में है।


वर्तमान में राज्यों में लोकसभा सीटें (प्रमुख)-

  • उत्तर प्रदेश- 80 सीटें (सर्वाधिक)
  • महाराष्ट्र- 48 सीटें
  • राजस्थान- 25 सीटें
  • अरुणाचल प्रदेश- 2 सीटें
  • त्रिपुरा- 2 सीटें
  • मेघालय- 2 सीटें
  • गोवा- 2 सीटें
  • मणिपुर- 2 सीटें
  • नागालैंड- 1 सीट
  • सिक्किम- 1 सीट
  • मिजोरम- 1 सीट


वर्तमान में केन्द्रशासित प्रदेशों में लोकसभा सीटें-

  • दिल्ली- 7 सीटें
  • जम्मू कश्मीर- 5 सीटें
  • लद्दाख- 1 सीट
  • पुदुचेरी- 1 सीट
  • चंडीगढ़- 1 सीट
  • लक्षद्वीप- 1 सीट
  • अंडमान निकोबार- 1 सीट
  • दमन दीव एवं दादर नागर हवेली- 2 सीट


लोकसभा अध्यक्ष (Lok Sabha Speaker)-

  • भारत सरकार अधिनियम 1919 के द्वारा भारत में लोकसभा अध्यक्ष का पद सृजित किया गया था।
  • सन् 1921 में फ्रेडरिक व्हाइट पहले लोकसभा अध्यक्ष बने थे।
  • लोकसभा अध्यक्ष के चुनाव की तारीख राष्ट्रपति निर्धारित करता है।
  • सन् 1925 में विठ्ठल भाई पटेल पहले निर्वाचित भारतीय अध्यक्ष बने थे।
  • आजादी के बाद जीवी मावलंकर (गणेश वासुदेव मावलंकर) पहले लोकसभा अध्यक्ष बने थे।

  • लोकसभा अध्यक्ष की अध्यक्ष के रूप में अलग से कोई शपथ नहीं होती है वह लोकसभा सदस्य के रूप में ही अपनी शपथ लेता है।

  • लोकसभा अध्यक्ष अपना त्यागपत्र लोकसभा उपाध्यक्ष को देता है।


लोकसभा अध्यक्ष का निर्वाचन (Election of Lok Sabha Speaker)-

  • लोकसभा के सदस्य अपने में से ही अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष का निर्वाचन करते हैं।


लोकसभा अध्यक्ष का कार्यकाल (Tenure of Lok Sabha Speaker)-

  • लोकसभा के भंग होने पर लोकसभा अध्यक्ष का कार्यकाल समाप्त नहीं होता है बल्कि अगली लोकसभा की पहली बैठक तक लोकसभा अध्यक्ष अपने पद पर बना रहता है।


लोकसभा अध्यक्ष को हटाने की प्रक्रिया (Removal Procedure of Lok Sabha Speaker)-

  • लोकसभा अध्यक्ष को हटाने का प्रस्ताव 14 दिन के नोटिस के बाद लोकसभा में पेश किया जाता है।
  • लोकसभा अध्यक्ष को हटाने का प्रस्ताव लोकसभा में तत्कालीन सदस्यों के बहुमत (प्रभावी बहुमत) से पारित होना चाहिए।
  • लोकसभा अध्यक्ष प्रस्ताव पर चर्चा के समय पीठासीन अधिकारी नहीं हो सकता लेकिन सदन की कार्यवाही में भाग ले सकता है।
  • प्रस्ताव के समय लोकसभा अध्यक्ष सामान्य मत दे सकता है लेकिन निर्णायक मत नहीं दे सकता है।
  • ब्रिटेन में स्पीकर निर्वाचित होने के बाद अपने दल से त्यागपत्र दे देता है।


लोकसभा अध्यक्ष की शक्तियां (Powers of Lok Sabha Speaker)-

  • लोकसभा अध्यक्ष लोकसभा की बैठकों की अध्यक्षता करता है।
  • लोकसभा अध्यक्ष का कार्य लोकसभा के नियमों को लागू करवाना और अनुशासन बनाए रखना है।

  • यदि लोकसभा में बराबर मत की स्थिति हो तो अध्यक्ष अपना निर्णायक मत (Casting Vote) दे सकता है।

  • अध्यक्ष लोकसभा के सदस्यों के दल-बदल पर निर्णय लेता है।
  • अध्यक्ष लोकसभा के सदस्यों का त्यागपत्र स्वीकार करता है।

  • लोकसभा अध्यक्ष लोकसभा की समितियों के अध्यक्ष की नियुक्ति करता है।

  • लोकसभा व राज्यसभा की संयुक्त बैठकों की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष करता है।

    • कोई भी विधेयक धन विधेयक है या नहीं इसका निर्णय भी लोकसभा अध्यक्ष करता है। और अध्यक्ष का निर्णय ही अंतिम माना जाता है।

      • अध्यक्ष अन्तर्राष्ट्रीय मंचों पर संसदीय प्रतिनिधि मण्डल का नेतृत्व करता है।


      लोकसभा अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का वेतन-

      • भारत के संविधान के अनुच्छेद 97 के अनुसार लोकसभा के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के वेतन व भत्ते भारत की संचित निधि से दिए जाते हैं।


      लोकसभा प्रोटेम स्पीकर (Protem Speaker of Lok Sabha Speaker)-

      • लोकसभा के आम चुनाव के बाद राष्ट्रपति लोकसभा सदस्यों में से ही वरिष्ठतम सदस्य को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त करता है।
      • प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति फ्रांसीसी परम्परा  है। अर्थात् भारत के संविधान में प्रोटेम स्पीकर को नियुक्त करने की प्रक्रिया फ्रांस के संविधान से ली गई है।
      • प्रोटेम स्पीकर को शपथ राष्ट्रपति दिलाता है।
      • राष्ट्रपति प्रोटेम स्पीकर को शपथ लोकसभा सदस्य के रूप में दिलाता है।
      • लोकसभा अध्यक्ष के निर्वाचन के साथ ही प्रोटेम स्पीकर का पद स्वतः ही समाप्त हो जाता है।
      • वर्तमान में 17वीं लोकसभा जारी है।
      • 17वीं लोकसभा 2019 का प्रोटेम स्पीकर डॉ. वीरेंद्र कुमार को बनाया गया था।
      • 16वीं लोकसभा 2014 का प्रोटेम स्पीकर कमलनाथ को बनाया गया था।


      लोकसभा प्रोटेम स्पीकर के कार्य-

      • लोकसभा प्रोटेम स्पीकर के दो कार्य है। जैसे-
      • (I) लोकसभा के सभी सदस्यों को शपथ दिलवाना।
      • (II) लोकसभा के अध्यक्ष का निर्वाचन करवाना।


      लोकसभा उपाध्यक्ष (Deputy Speaker of Lok Sabha)-

      • लोकसभा के उपाध्यक्ष के निर्वाचन एवं हटाने की प्रक्रिया लोकसभा अध्यक्ष के समान ही है।

      • लोकसभा उपाध्यक्ष का कार्यकाल लोकसभा भंग होने तक ही होता है। अर्थात् लोकसभा भगं होते ही लोकसभा उपाध्यक्ष का कार्यकाल भी समाप्त हो जाता है।
      • लोकसभा उपाध्यक्ष लोकसभा अध्यक्ष की अनुपस्थित में लोकसभा की बैठकों की अध्यता करता है।
      • जब लोकसभा उपाध्यक्ष लोकसभा की अध्यक्षता करता है तब उपाध्यक्ष के पास वही शक्तियां होती है जो लोकसभा अध्यक्ष के पास होती है।
      • जब भी लोकसभा उपाध्यक्ष किसी संसदीय समिति का सदस्य बनता है तब उपाध्यक्ष उस समिति का अध्यक्ष होता है।
      • वर्तमान में कोई लोकसभा उपाध्यक्ष नहीं है।
      • लोकसभा उपाध्यक्ष अपना त्यागपत्र लोकसभा अध्यक्ष को देता है।


      लोकसभा में अध्यक्षों का दस सदस्यीय पैनल (Ten Member Panel of Chairpersons in Lok Sabha)-

      • लोकसभा के सदस्य लोकसभा में अध्यक्षों का दस सदस्यीय पैनल बनाते हैं।
      • लोकसभा अध्यक्ष तथा लोकसभा उपाध्यक्ष दोनों की अनुपस्थिति में पैनल के सदस्य बैठकों की अध्यक्षता करते हैं।
      • यदि लोकसभा में अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष दोनों का पद रिक्त हो तो राष्ट्रपति अस्थाई अध्यक्ष की नियुक्ति करता है।

      Post a Comment

      0 Comments
      * Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

      Top Post Ad

      Below Post Ad