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मौर्य काल (Maurya Period)

मौर्य काल (Maurya Empire / Maurya Period)- राजस्थान का प्राचीन इतिहास

  • राजस्थान में अशोक के अभिलेख बैराठ (जयपुर) से मिलते हैं।

  • बैराठ जयपुर में स्थित जगह का नाम है।


बैराठ, जयपुर (Bairath, Jaipur)-

  • स्थित (Located)- बैराठ राजस्थान के जयपुर जिले में स्थित है।
  • उत्खननकर्ता-
  • (I) दयाराम सहानी (Dayaram Sahani)- (1936 में उत्खनन करवाया)
  • (II) नील रत्न बनर्जी (Nil Ratan Banarjee)- (1962-63 में उत्खनन करवाया)
  • (III) कैलाश नाथ दीक्षित (Kailash Nath Dixit)- (1962-63 में उत्खनन करवाया)
  • उत्खनन में मिले साक्ष्य (Evidence found in excavation)-
  • (I) बैराठ से शैल चित्र (Rock Paintings) प्राप्त होते हैं।

  • (II) बैराठ से 28 इंडो-ग्रीक सिक्के प्राप्त होते हैं जिसमें से 16 सिक्के मिनांडर के है।

  • विशेषताएं-
  • बैराठ की लिपि को शंख लिपि (Shell Script) कहा जाता है।
  • जयपुर महाराजा रामसिंह-2 के शासन काल में बैराठ का उत्खनन करवाया गया।
  • महाराजा रामसिंह-2 के समय बैराठ सभ्यता से सोने की एक संदुक प्राप्त हुई
  • सोने की इस संदुक में शायद भगवान बुद्ध के अवशेष रहे होंगे।
  • बैराठ में महादेव पहाड़ी तथा भोमली पहाड़ी का उत्खनन किया गया था।
  • बैराठ से अशोक के दो अभिलेख प्राप्त होते हैं।
  • (I) बीजक की पहाड़ी का अभिलेख
  • (II) भीम पहाड़ी का अभिलेख


(I) बीजक की पहाड़ी का अभिलेख-

  • 1837 ई. में कैप्टन बर्ट (Captain Burt) को बीजक की पहाड़ी से यह अभिलेख प्राप्त हुआ
  • बीजक की पहाड़ी के अभिलेख को भाब्रू अभिलेख (Bhabru Inscription) भी कहा जाता है।
  • बीजक की पहाड़ी के अभिलेख में अशोक को मगध का राजा कहा गया है।
  • बीजक की पहाड़ी अभिलेख में अशोक बुद्ध, संघ तथा धम्म में विश्वास व्यक्त करता है।
  • बीजक की पहाड़ी का अभिलेख 7 बुद्ध पुस्तकों या 7 बौद्ध ग्रंथों की जानकारी देता है।


(II) भीम पहाड़ी का अभिलेख-
  • 1871 ई. में ए.सी.एल. कार्लाइल (Archibald Campbell Carlyle) को भीम पहाड़ी से अशोक का यह अभिलेख प्राप्त हुआ।


ह्वेनसांग (Haen-sang)-

  • ह्वेनसांग (Hiuen Sang) ने बैराठ की यात्रा की थी।
  • ह्वेनसांग ने अपनी पुस्तक में बैराठ को 'पी लो यो तो लो' (Pi Lo Yo To Lo) कहा था।
  • ह्वेनसांग के अनुसार बैराठ में 8 बौद्ध मठ (Monastery) थे। जिन्हें हूण राजा मिहिरकुल (Mihirkul) ने तोड़ दिया था।
  • ह्वेनसांग ने बैराठ के बैल तथा भेड़ों को प्रसिद्ध बताया था।


मानसरोवर अभिलेख, चित्तौड़गढ़ (Mansarovar Inscription, Chittorgarh)- 713 ई.

  • मानसरोवर अभिलेख राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के मानसरोवर से प्राप्त हुआ है।
  • मानसरोवर अभिलेख 713 ई. का अभिलेख है।
  • चित्तौड़गढ़ के मानसरोवर अभिलेख से 4 मौर्य राजाओं की जानकारी मिलती है। जैसे-

  • (I) महेश्वर (Maheshwar)
  • (II) भीम (Bhim)
  • (III) भोज (Bhoj)
  • (IV) मान (Man)


कणसवा शिवालय अभिलेख, कोटा- (Kansava Shivalay Inscription, Kota)- 738 ई.

  • कणसवा शिवालय अभिलेख राजस्थान के कोटा जिले के कणसवा से प्राप्त हुआ है।
  • कोटा का कणसवा शिवालय अभिलेख 738 ई. का है।

  • कणसवा शिवालय अभिलेख से मौर्य राजा धवल (Dhaval) की जानकारी मिलती है।
  • कणसवा शिवालय अभिलेख मौर्यों की दी गई जानकारी राजस्थान में मौर्यों की अंतिम जानकारी है।


अन्य महत्वपूर्ण तथ्य (Other Important Facts)-

  • राजस्थान में अशोक के अभिलेख बैराठ (जयपुर) से मिलते है।
  • दो पहाड़ियों के दो अलग-अलग अभिलेख मिले है जैसे- बीजक की पहाड़ी, भीम पहाड़ी
  • भाब्रू नामक गाँव बैराठ (जयपुर) के पास स्थित है।
  • कैप्टन बर्ट बैराठ के बीजक की पहाड़ी के अभिलेख को काटकर भाब्रू ले गया तथा भाब्रू से कैप्टन बर्ट ने यह अभिलेख कलकत्ता भेज दिया तथा साथ ही एक पत्र लिखा जिसमें लिखा था की मै कैप्टन बर्ट इन दिनो भाब्रू में हूँ तथा भाब्रू से एक अभिलेख भेज रहा हूँ आप इसे पढ़ने का प्रयास कीजिए और जब कलकत्ता वालों ने यह पत्र पढ़ा तो उन्होने इस अभिलेख को भाब्रू का अभिलेख लिख दिया था इसीलिए बैराठ के बीजक की पहाड़ी के अभिलेख को भाब्रू का अभिलेख कहा जाता है।
  • भारत में अशोक के 8 जगहों से अभिलेख या शिलालेख (पत्थर) मिले है जिनमें प्रत्येक पत्थर पर 14 अभिलेख या 14 लाइन (Point) है। अर्थात् भारत में अशोक के 14 अभिलेख प्राप्त हुए है जो 8 जगहों से प्राप्त हुए है।

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