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राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC)

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (National Medical Commission- NMC)-

  • NMC Full Form = National Medical Commission
  • NMC का पूरा नाम = राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग या राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग
  • राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) के स्थान पर पहले भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद (MCI) संस्था काम करती थी। अर्थात् राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) का पूराना नाम भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद (MCI) था।
  • राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) भारत में चिकित्सा शिक्षा के लिए एक नियामक संस्था (Regulatory Body) है।
  • राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) चिकित्सा संबंधित व्यवसाय के लिए आवश्यक मानदंडों को सुनिश्चित करती है।
  • राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) भारत में कार्य करने वाले चिकित्सकों को पंजीकृत (Registered) करने वाली संस्था है।
  • राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) एक प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र है।


राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान परिषद (MCI)-

  • MCI Full Form = Medical Council of India
  • MCI का पूरा नाम = भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद या भारतीय चिकित्सा परिषद
  • भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद (MCI) की स्थापना भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद अधिनियम, 1933 (MCI Act, 1933) के तहत सन् 1934 में दिल्ली में की गई थी।
  • वर्तमान में भारतीय चिकित्सा परिषद (MCI) का नाम बदलकर राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) कर दिया गया है।


स्थापना (Establishment)-

  • राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) की स्थापना राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम, 2019 (NMC Act, 2019) के तहत 25 सितंबर, 2020 को हुई थी।
  • राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के गठन के लिए अधिसूचना गजट (Gazette) में 24 सितंबर, 2020 को प्रकाशित की गई थी।
  • राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) की स्थापना के बाद राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान परिषद अधिनियम, 1956 की धारा 3A के तहत गठित राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान परिषद (MCI) को भंग कर दिया गया था।


मुख्यालय (Headquarter)-
  • राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) का मुख्यालय नई दिल्ली (New Delhi) में स्थित है।


अध्यक्ष (Chairman)-
  • राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के वर्तमान अध्यक्ष डॉ. सुरेश चंद्र शर्मा (Dr. Suresh Chandra Sharma) है।


राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के उद्देश्य (Objectives of National Medical Commission)-

  • 1. गुणवत्तापूरण और सस्ती चिकित्सा शिक्षा तक पहुंच में सुधार करना।
  • 2. भारत के सभी हिस्सों में पर्याप्त और उच्च गुणवत्ता वाले चिकित्सा पेशेवरों की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
  • 3. भारत के लिए एक चिकित्सा रजिस्टर बनाए रखना।

  • 4. राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) समान और सार्वभौमिक स्वास्थ्य परिप्रेक्ष्य को प्रोत्साहित करता है और चिकित्सा पेशेवरों की सेवाओं को सभी नागरिकों के लिए सुलभ बनाता है।
  • 5. चिकित्सा पेशेवरों को उनके काम में नवीनतम चिकित्सा अनुसंधान को अपनाने और अनुसंधान में योगदान करने के लिए प्रोत्साहित करता है।
  • 6. समय-समय पर पारदर्शी तरीके से चिकित्सा संस्थाओं का वस्तुनिष्ठ आकलन करना।
  • 7. चिकित्सा सेवाओं के सभी पहलुओं में उच्च नैतिक मानकों को लागू करना।


राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के कार्य (Functions of National Medical Commission)-

  • 1. चिकित्सा शिक्षा में उच्च गुणवत्ता और उच्च मानकों को बनाए रखने के लिए नीतियां निर्धारित करना और इस संबंध में आवश्यक नियम बनाना।
  • 2. चिकित्सा संस्थानों, चिकित्सा अनुसंधान और चिकित्सा पेशेवरों को विनियमित करने के लिए नीतियां निर्धारित करना और इस संबंध में आवश्यक नियम बनाना।
  • 3. स्वास्थ्य देखभाल में आवश्यकताओं का आकलन करना, जिसमें स्वास्थ्य और स्वास्थ्य देखभाल के बुनियादी ढांचे के लिए मानव संसाधन शामिल हैं और ऐसी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एक रोड मैप विकसित करना।
  • 4. आयोग, स्वायत्त बोर्डों और राज्य चिकित्सा परिषदों के उचित कामकाज के लिए आवश्यक विनियम बनाकर दिशानिर्देशों को बढ़ावा देना, समन्वय करना और तैयार करना।
  • 5. स्वायत्त बोर्डों के बीच समन्वय सुनिश्चित करना।
  • 6. राज्य चिकित्सा परिषदों द्वारा इस अधिनियम के तहत बनाए गए दिशा-निर्देशों और बनाए गए विनियमों का इस अधिनियम के तहत उनके प्रभावी कार्यकरण के लिए अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए ऐसे उपाय करना, जो आवश्यक हो सकते हैं।
  • 7. स्वायत्त बोर्डों के निर्णयों के संबंध में अपीलीय क्षेत्राधिकार का प्रयोग करना।
  • 8. चिकित्सा पेशे में पेशेवर नैतिकता के पालन को सुनिश्चित करने के लिए नीतियां और कोड निर्धारित करना और चिकित्सा व्यवसायियों द्वारा देखभाल के प्रावधान के दौरान नैतिक आचरण को बढ़ावा देना।


महत्वपूर्ण लिंक (Important Link)-

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