जैव विविधता अधिनियम 2002 (Biological Diversity Act, 2002)-
- जैव विविधता अभिसमय (CBD) के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए भारतीय संसद ने जैव विविधता अधिनियम, 2002 पारित किया था।
- CBD Full Form = Convention on Biological Diversity
- CBD का पूरा नाम = जैव विविधता अभिसमय
- जैव विविधता अधिनियम, 2002 (Biological Diversity Act) सन् 2003 से प्रभावी हुआ।
- जैव विविधता अधिनियम, 2002 (Biological Diversity Act) के महत्वपूर्ण प्रावधान निम्न है।-
- (I) जैव विविधता का संरक्षण करना तथा उसका सतत उपयोग करना।
- (II) जैव विविधता के क्षेत्र में स्थानीय लोगों के ज्ञान को सम्मान प्रदान करते हुए उन्हें संरक्षण देना।
- (III) जैव विविधता की दृष्टि से सम्पन्न क्षेत्रों को जैव विविधता विरासत स्थल (BHS) घोषित करना तथा उन्हें विशेष संरक्षण प्रदान करना।
- BHS Full Form = Biodiversity Heritage Site
- BHS का पूरा नाम = जैव विविधता विरासत स्थल
- भारत में वर्तमान में कुल 35 जैव विविधता विरासत स्थल (BHS) घोषित किये गये है।
- जैव विविधता विरासत स्थल (BHS) राज्य सरकार के द्वारा स्थानीय जैव विविधता कमिटी की सलाह पर घोषित किया जाता है।
- (IV) संकटग्रस्त प्रजातियों को उनके प्राकृतिक आवासों में संरक्षण प्रदान करना।
- (V) जैव विविधता संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक करना।
- (VI) जैव विविधता अधिनियम, 2002 के क्रियान्वयन हेतु प्रशासकीय ढाँचा तैयार करना। जैसे-
- (A) राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (National Biodiversity Authority)- राष्ट्रीय स्तर पर
- (B) जैव विविधता बोर्ड (Biodiversity Board)- राज्य स्तर पर
- (C) जैव विविधता समितियां (Biodiversity Committees)- स्थानीय स्तर पर (जिला स्तर पर)
- राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण की स्थापना सन् 2003 में की गयी थी।
- राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण का मुख्यालय चेन्नई में स्थित है।
- राजस्थान में "राजस्थान जैव विविधता नियम" (Rajasthan Biodiversity Rules) सन् 2010 में जारी किये गये थे।
- राजस्थान जैव विविधता बोर्ड (Rajasthan Biodiversity Board) का गठन सन् 2010 में किया गया था।
- राजस्थान जैव विविधता बोर्ड (Rajasthan Biodiversity Board) जयपुर में स्थित है।