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बैंकिंग

बैंकिंग


भारत में बैंकिंग का संक्षिप्त इतिहास-

➠भारत का पहला बैंक 1170 ई. में स्थापित किया गया था। जिसका नाम बैंक ऑफ हिंदुस्तान (Bank of Hindustan) रखा गया था।

➠1881 ई. में अवध वाणिज्यिक बैंक की स्थापना की गई थी।

➠अवध वाणिज्य बैंक भारतीयों के द्वारा संचालित पहला बैंक था।

➠1894 ई. में पंजाब नेशनल बैंक (Punjab National Bank- PNB) की स्थापना की गई थी।

➠पंजाब नेशनल बैंक पूर्णतः स्वेदशी बैंक था अर्थात् पंजाब नेशनल बैंक भारत का सबसे पहला बैक था।

➠भारत में अंग्रेजों के द्वारा तीन प्रेसीडेंसी बैंक (Presidency Bank) स्थापित किये गये थे। जैसे-

1. Bank of Bengal (1806)

2. Bank of Bombay (1840)

3. Bank of Madras (1843)

➠1921 में इन तीनों प्रेसीडेंसी बैंकों का विलय कर दिया गया था तथा इन तीनों बैंकों का विलय करने के बाद इम्पीरियल इम्पीरियल बैंक ऑफ इंडिया (Imperial Bank of India) नाम रखा गया था।

➠1 जुलाई 1955 में इम्पीरियल बैंक इंडिया का आंशिक राष्ट्रीयकरण कर दिया गया था तथा इम्पीरियल बैंक ऑफ इंडिया का नाम बदलकर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India- SBI) कर दिया गया था।

➠इस समय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के अधिन था।

➠वर्ष 2007 में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) को भारत सरकार के अधिन कर दिया गया है। वर्तमान में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) भारत सरकार के अधिन है।


भारत में बैंकिंग व्यवस्था की संरचना-


अनुसूचित बैंक-

➠वे बैंक जिनका उल्लेख RBI अधिनियम 1934 की दुसरी अनुसूची में किया गया है अनुसूचित बैंक कहलाते है। अनुसूचित बैंकों के लिए न्यूनतम पूंजी 5 लाख रुपये रखी गयी है।

➠अनुसूचित बैंक RBI की सभी प्रकार की सेवाओं का लाभ ले सकते है।

➠अनुसूचित बैंकों के लिए RBI के दिशा निर्देश मानना अनिवार्य है।

➠अनुसूचित बैंकों को दो भागों में बाटा गया है जैसे-

1. वाणिज्यिक बैंक (Commercial Bank)

2. सहकारी बैंक (Cooperative Bank)


1. वाणिज्यिक बैंक (Commercial Bank)-

➠वाणिज्यिक बैंक को 6 भागों में बाटा है जैसे-

(A) सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (Public Sector Bank)

(B) निजी बैंक (Private Bank)

(C) विदेशी बैंक (Foreign Bank)

(D) क्षेत्रिय ग्रामीण बैंक (Regional Rural Bank)

(E) भुगतान बैंक (Payment Bank)

(F) लघु वित्त बैंक (Small Finance Bank)


2. सहकारी बैंक (Cooperative Bank)-

➠वे बैंक जो सहकारिता के सिद्धान्त पर कार्य करते है सहकारी बैंक कहलाते है।

➠सहकारिता के सिद्धान्त में निम्नलिखित तत्व शामिल है जैसे-

1. एक सब के लिए, सब एक के लिए

2. खुली सदस्यता

3. लोकतांत्रिक नियत्रण

4. पेशेवर प्रबंधन

➠सहकारी बैंक दो प्रकार के होते है जैसे-

(A) शहरी सहकारी बैंक (Urban Cooperative Bank)

(B) राज्य सहकारी बैंक (State Cooperative Bank)

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