राजस्थान की झीलें

👉 राजस्थान की झीलें-

👉 लिम्नोलाॅजी-
✍ विज्ञान की वह शाखा है जिसमें झीलों का अध्ययन किया जाता है लिम्नोलाॅजी कहलाता है।

👉 उदयपुर-
✍ राजस्थान में सर्वाधिक मीठे पानी की झीलें उदयपुर में पायी जाती है इसीलिए उदयपुर को राजस्थान झीलों की नगरी कहते है।

👉 श्रीनगर-
✍ कश्मीर का यह शहर सम्राट अशोक ने बसाया था
✍ भारत में सर्वाधिक मीठे पानी की झीलें श्रीनगर में पायी जाती है इसीलिए श्रीनगर को भारत झीलों की नगरी कहते है।

👉 फिनलैंड-
✍ विश्व में सर्वाधिक मीठे पानी की झीलें फिनलैंड में पायी जाती है इसीलिए विश्व झीलों की नगरी फिनलैंड को कहते है।

👉 नागौर-
✍ राजस्थान में सर्वाधिक खारे पानी की झीलें नागौर में पायी जाती है।
✍ नागौर को नमक नगरी भी कहा जाता है।

👉 नावा (नागौर)-
✍ नागौर के नावा नामक जगह पर एशिया महाद्वीप की सबसे बड़ी मण्डी है।



👉 वाष्पीकरण विधि-
✍ यह विधि राजस्थान में नमक बनाने की सबसे प्राचीन विधि है।
✍ यह विधि वर्तमान में राजस्थान में नमक बनाने की सबसे बड़ी विधि भी है।

👉 प्लाया-
✍ राजस्थान में थार के मरुस्थल में पायी जाने वाली खारे पानी की झीलों को प्लाया कहते है।

👉 लेगून-
✍ भारत में पायी जाने वाली खारे पानी की झीलों के लेगून कहते है।

👉 राजस्थान में झीलों का खारा होने का कारण-
✍ राजस्थान में झीलों का खारा होने का कारण टेथिस सागर को माना जाता है।
✍ राजस्थान में खारे पानी की झीलें टेथिस सागर का ही अवशेष मानी जाती है।
✍ राजस्थान की झीलों में अत्यधिक नमक होने के कारण गुजरात की कच्छ की खाड़ी से आने वाले दक्षिणी-पश्चिमी मानसून को माना जाता है।

👉 पश्चिमी राजस्थान-
✍ राजस्थान में खारे पानी की सर्वाधिक झीलें पश्चिमी राजस्थान में पायी जाती है।

👉 राजस्थान में झीलों के प्रकार-
✍ पानी की दृष्टि से राजस्थान में झीलों को दो भागो में विभाजित किया गया है। जैसे-

1. मीठे पानी की झीलें (Click here)
2. खारे पानी की झीलें (Click here)

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